Sunday, July 26, 2026
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GST राजस्व में उत्तराखंड की मजबूत छलांग

उत्तराखंड राज्य कर विभाग ने वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में जीएसटी संग्रहण के मोर्चे पर बड़ी सफलता हासिल की है। अप्रैल से जून 2026 की अवधि में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में नेट एसजीएसटी (स्टेट गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) संग्रहण में 24 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

देहरादून। उत्तराखंड राज्य कर विभाग ने वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में जीएसटी संग्रहण के मोर्चे पर बड़ी सफलता हासिल की है। अप्रैल से जून 2026 की अवधि में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में नेट एसजीएसटी (स्टेट गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) संग्रहण में 24 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही नॉन-जीएसटी संग्रहण में 12 प्रतिशत और कुल संग्रहण में 22 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। यह आंकड़े राज्य की राजस्व व्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं।

यह जानकारी राज्य कर विभाग की समीक्षा बैठक में साझा की गई। बैठक में जीएसटी संग्रहण, कर अनुपालन, विभागीय कार्यों और आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि अप्रैल से जून 2026 की अवधि में नॉन-जीएसटी संग्रहण पिछले वर्ष की समान अवधि के 658 करोड़ रुपये से बढ़कर 740 करोड़ रुपये हो गया है, जो 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इसी अवधि में नेट एसजीएसटी संग्रहण भी 2,457 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,056 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो 24 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी है। दोनों आंकड़ों को मिलाकर देखें तो कुल संग्रहण 3,115 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,796 करोड़ रुपये हो गया है, जिसमें कुल मिलाकर 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि राज्य में कर संग्रहण की व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सुदृढ़ और प्रभावी हुई है।

केंद्रीय खुफिया इकाई की भूमिका भी अहम

बैठक में केंद्रीय खुफिया इकाई (सीआईयू) द्वारा किए गए कार्यों की भी समीक्षा की गई। जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में सीआईयू के माध्यम से कुल 12.92 करोड़ रुपये की वसूली की गई थी। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में जून 2026 तक ही सीआईयू ने 16.48 करोड़ रुपये की वसूली सुनिश्चित कर ली है। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में इस मद में भी 27.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो कर चोरी रोकने और गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करने की दिशा में विभाग की सक्रियता को दर्शाता है।

समीक्षा बैठक के दौरान प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने जीएसटी संग्रहण में हुई इस प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि आगामी अवधि में इस गति को बनाए रखते हुए और बेहतर परिणाम हासिल करने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को कर अनुपालन को बढ़ावा देने के साथ-साथ विभागीय कार्यों को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए उपलब्ध आंकड़ों और आधुनिक तकनीक का बेहतर से बेहतर उपयोग करने पर विशेष जोर दिया।

प्रमुख सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि विभागीय स्तर पर नियमित रूप से समीक्षा और निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे। उन्होंने कहा कि करदाताओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखते हुए लंबित मामलों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाना चाहिए, जिससे आम करदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही उन्होंने जीएसटी अनुपालन को और बेहतर बनाने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

विशेष जांच शाखा और ऑडिट कार्यों पर भी चर्चा

बैठक में विशेष जांच शाखा (एसआईबी), मोबाइल स्क्वाड और ऑडिट कार्यों की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। प्रमुख सचिव ने सभी संबंधित इकाइयों को निर्धारित लक्ष्यों को तय समय सीमा के भीतर हासिल करने और आपसी समन्वय के साथ मिलकर कार्य करने के स्पष्ट निर्देश दिए, ताकि विभाग की समग्र कार्यक्षमता में और सुधार लाया जा सके।

इसके अतिरिक्त बैठक में होटल और रेस्टोरेंट सेवाओं तथा वर्क्स कॉन्ट्रैक्ट सहित विभिन्न क्षेत्रों में जीएसटी अनुपालन की मौजूदा स्थिति पर भी गहन चर्चा हुई। इन क्षेत्रों में कर अनुपालन को सुदृढ़ करने के लिए विभाग की आगामी कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श किया गया। प्रमुख सचिव ने एक बार फिर दोहराया कि विभागीय कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए जीएसटी संग्रहण और अनुपालन व्यवस्था को लगातार और बेहतर बनाया जाना जरूरी है।

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में वित्त सचिव दिलीप जावलकर, आयुक्त राज्यकर प्रतीक जैन, अपर सचिव/अपर आयुक्त महमोहन मैनाली और अपर सचिव/अपर आयुक्त अनिल सिंह सहित विभाग के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इन सभी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े कार्यों और लक्ष्यों पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

कुल मिलाकर, राज्य कर विभाग द्वारा जारी किए गए ये आंकड़े दर्शाते हैं कि उत्तराखंड में कर संग्रहण व्यवस्था लगातार मजबूत होती जा रही है, जो राज्य की आर्थिक स्थिति और विकास कार्यों के लिए एक शुभ संकेत है। विभाग का फोकस अब आने वाले समय में इस वृद्धि दर को बनाए रखने के साथ-साथ कर अनुपालन को और अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने पर केंद्रित रहेगा।

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