NTI (New Delhi) — भारत के एडटेक (शैक्षिक तकनीक) सेक्टर में एक और बड़ी कंसोलिडेशन डील की हवा चल पड़ी है। ऑनलाइन एजुकेशन कंपनी UpGrad ने प्रतिस्पर्धी प्लेटफ़ॉर्म Unacademy का अधिग्रहण करने के लिए बातचीत अंतिम चरण में पहुंचा दी है। The Economic Times में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार यह सौदा लगभग 2,055 करोड़ रुपये (करीब 218 मिलियन डॉलर) का बताया जा रहा है और यह पूरी तरह शेयर-आधारित होगा — यानी नकदी के बजाय शेयरों के जरिए लेन-देन होगा।
सौदे का ढांचा
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स्रोतों का कहना है कि कई महीनों की बातचीत के बाद दोनों कंपनियां अब अंतिम समझौते के निकट हैं। आने वाले कुछ ही दिनों में एग्रीमेंट साइन होने की संभावना जताई जा रही है।
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समझौते के बाद इसे Competition Commission of India (CCI) की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। अनुमोदन के बाद ही डील औपचारिक घोषित होगी।
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यह सौदा नकद आधारित नहीं, बल्कि शेयर-स्वैप के जरिए होगा, जिससे Unacademy के मौजूदा निवेशक UpGrad में हिस्सेदारी पाएंगे।
Unacademy की वैल्यू — 90% कम वैल्यूएशन पर सौदा
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उल्लेखनीय है कि Unacademy की वैल्यूएशन अपने पीक पर साल 2021 में करीब 3.4 अरब डॉलर तक पहुंच चुकी थी। लेकिन अब हालिया रिपोर्ट के मुताबिक इसकी वैल्यू लगभग 218 मिलियन डॉलर तक घट चुकी है — अपने पीक वैल्यू का लगभग 90% कम वैल्यूएशन पर सौदा।
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कोविड-19 के दौरान ऑनलाइन लर्निंग का जो तेजी से उछाल आया था, वह अब ठंडा पड़ चुका है और समूचा एडटेक सेक्टर कठिन दौर से गुजर रहा है। निवेशक उत्साह और वैल्यूएशन्स में गिरावट ने सेक्टर को पुनर्गठन के लिए मजबूर किया है।
कैश पोजीशन और फाइनेंशियल इम्पेक्ट
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रिपोर्ट के अनुसार Unacademy के पास फिलहाल करीब 900–950 करोड़ रुपये की नकद राशि मौजूद है। UpGrad के लिए यही वजह इस डील को आकर्षक बनाती है।
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अधिग्रहण के पूरा होने पर अनुमान है कि UpGrad के पास कुल नकदी 1,300 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। कंपनी इस पूंजी का उपयोग अपने बिजनेस विस्तार, खासकर B2B (बिजनेस-टू-बिजनेस) सेगमेंट, एंटरप्राइज सॉल्यूशंस और AI-आधारित लर्निंग उत्पादों में करने की योजना बनाएगी।
रणनीति और निवेश
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UpGrad के संस्थापक और CEO रॉनी स्क्रूवाला सक्रिय रूप से विस्तारक रणनीति पर काम कर रहे हैं। कंपनी Temasek से करीब 375 करोड़ रुपये के नए निवेश की भी बात कर रही है। निवेशक Temasek दोनों कंपनियों में पहले से ही निवेशक है — उसके पास UpGrad में लगभग 22% और Unacademy में लगभग 5% हिस्सेदारी बताई जा रही है।
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UpGrad ने पहले भी रणनीतिक अधिग्रहण किए हैं; कंपनी ने हाल में Internshala का अधिग्रहण कर मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत की है।
Unacademy का सफर
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Unacademy की शुरुआत एक YouTube चैनल के रूप में हुई थी, जिसे गौरव मुंजाल, हेमेश सिंह और रोमन सैनी ने शुरू किया था। 2015 तक कंपनी एक फुल-सर्विस एडटेक प्लेटफ़ॉर्म बन गई।
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हालांकि पिछले कुछ वर्षों में कंपनी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा — वृद्धि में सुस्ती, राजस्व में कमी और व्यावसायिक मॉडल में बार-बार बदलाव। कंपनी ने ऑफ़लाइन सेंटर खोलने जैसे प्रयोग किए और बाद में फ्रेंचाइजी मॉडल अपनाया।
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वित्त वर्ष 2025 में Unacademy की ऑपरेटिंग रेवेन्यू 702 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 16% कम है। कंपनी ने 2026 के लिए लगभग 400 करोड़ रुपये के रेवेन्यू लक्ष्य का ऐलान किया है।
लीडरशिप और भविष्य की रूपरेखा
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खबरों में कहा गया है कि इस डील के बाद भी गौरव मुंजाल CEO बने रहेंगे। गौरव ने पहले कंपनी से अलग होने का इरादा जताया था ताकि वे AirLearn पर ध्यान दे सकें, लेकिन हालिया घटनाक्रम में उन्होंने अपना कदम वापस लिया है।
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UpGrad की योजना है कि Unacademy के प्लेटफ़ॉर्म और कंटेंट कैपेबिलिटी का उपयोग करते हुए व्यापक पाठ्यक्रम, कॉर्पोरेट प्रशिक्षण और AI-पावर्ड लर्निंग सॉल्यूशंस में तेज़ी से विस्तार किया जाए।
संभावित असर
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Byju’s जैसे बड़े खिलाडियों के संकट से पूरे एडटेक सेक्टर में संकट का माहौल बना है और निवेशकों का भरोसा हिल गया है। ऐसे समय में UpGrad और Unacademy का विलय सेक्टर में नई दिशा तय कर सकता है।
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अगर यह डील तय हो जाती है, तो यह भारत के एडटेक सेक्टर की सबसे बड़ी कंसोलिडेशन डील्स में से एक मानी जाएगी। इससे संकेत मिलेगा कि अब कंपनियां तेजी से विस्तार के बजाय टिकाऊ, मुनाफा-केंद्रित और मजबूत बिजनेस मॉडल पर जोर दे रही हैं।
अन्य पहलू और नज़र
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सौदे के शेयर-आधारित होने से नकदी संकट का दबाव कम होगा, लेकिन इसके वित्तीय और संचालनात्मक इंटीग्रेशन पर CCI की शर्तें और नियम लागू हो सकते हैं।
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कर्मचारियों, कंटेंट साझेदारों और प्रशिक्षकों के बारे में क्या परिवर्तन होंगे, यह भी सामने आने वाली प्रमुख जानकारियों में रहेगा। प्लेटफ़ॉर्म-स्तरीय परिवर्तन, ब्रांडिंग और कोर्स-प्रस्तुतीकरण में भी रणनीतिक निर्णय आवश्यक होंगे।
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बाजार का रुख, उपयोगकर्ता की वफादारी और कॉर्पोरेट क्लाइंट्स के साथ बने रिश्ते इस विलय की सफलता तय करने वाले कारक होंगे।
यह अधिग्रहण भारतीय एडटेक इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर संरचनात्मक बदलावों का संकेत देगा। UpGrad और Unacademy दोनों के संयोजन से संसाधनों, कैश-रिज़र्व और course-portfolio का मजबूत मेल बन सकता है, जो आने वाले समय में बाजार में प्रतिस्पर्धा और प्रयोग के नए आयाम खोल सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर और CCI की मंजूरी पर टिकी हुई हैं; आने वाले कुछ सप्ताह इस डील की दिशा स्पष्ट कर देंगे।

