बेंगलुरु: भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक बार फिर सकारात्मक खबर आई है। ट्रैवल और फिनटेक को जोड़ने वाला बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप Scapia ने 63 मिलियन डॉलर (करीब 530 करोड़ रुपये) की विशाल फंडिंग जुटा ली है। इस राउंड का नेतृत्व ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म General Catalyst ने किया, जबकि मौजूदा निवेशकों Peak XV Partners और Z47 ने भी इसमें भागीदारी की।
इस ताजा फंडिंग के साथ Scapia ने अब तक कुल 135 मिलियन डॉलर (लगभग 1,130 करोड़ रुपये) की पूंजी जुटा ली है। यह उपलब्धि न सिर्फ कंपनी के लिए मील का पत्थर है, बल्कि पूरे भारतीय ट्रैवल और फिनटेक सेक्टर के लिए एक मजबूत संकेत भी है कि युवा भारत अब ट्रैवल को अपनी लाइफस्टाइल का अभिन्न अंग बना चुका है।
Flipkart से Scapia तक
Scapia की कहानी शुरू हुई वर्ष 2022 में। Flipkart के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी अनिल गोटेती ने इस कंपनी की स्थापना की। अनिल ने बाजार को गहराई से समझा और पाया कि युवा भारतीय ट्रैवल करना चाहते हैं, लेकिन प्रक्रिया जटिल, महंगी और बिखरी हुई है। यहीं से ट्रैवल और फिनटेक को एक प्लेटफॉर्म पर लाने का आइडिया जन्मा।
अनिल गोटेती, फाउंडर और CEO, कहते हैं,
“यह निवेश हमें अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को मजबूत करने, ब्रांड को और विस्तार देने, ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने और टॉप टैलेंट को अपनी टीम में शामिल करने में मदद करेगा। हम AI-First कल्चर को अपनाते हुए AI-संचालित प्रोडक्ट्स विकसित कर रहे हैं जो यूजर्स का अनुभव और बेहतर बना सकें।”
अनोखा बिजनेस मॉडल
Scapia का बिजनेस मॉडल बेहद नवाचारी है। कंपनी अपने यूजर्स को ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड प्रदान करती है। इस कार्ड के जरिए फ्लाइट और होटल बुकिंग पर आकर्षक रिवॉर्ड पॉइंट्स, जीरो फॉरेक्स मार्कअप, एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस जैसी प्रीमियम सुविधाएं मिलती हैं।
प्लेटफॉर्म पर सिर्फ बुकिंग नहीं, बल्कि फ्लाइट, होटल, ट्रेन, बस, वीजा सेवाएं, ट्रैवल इंश्योरेंस और ट्रैवल गियर जैसे प्रोडक्ट्स भी उपलब्ध हैं। कंपनी Scapia Coins नामक अपना रिवॉर्ड सिस्टम चलाती है, जिसका इस्तेमाल विभिन्न ट्रैवल सेवाओं में किया जा सकता है।
कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में फ्लाइट बुकिंग में 5 से 6 गुना और होटल बुकिंग में 8 गुना की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सबसे उत्साहजनक बात यह है कि अब टियर-2 और टियर-3 शहरों से भी तेजी से नए ग्राहक जुड़ रहे हैं। दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों के अलावा लखनऊ, इंदौर, कोयंबटूर, भोपाल जैसे शहरों के युवा भी Scapia के प्लेटफॉर्म को अपना रहे हैं।
फंडिंग का सफर
Scapia ने फंडिंग के मामले में लगातार तेज रफ्तार दिखाई है:
- जून 2023: सीड राउंड में 9 मिलियन डॉलर (Tanglin Venture Partners, Z47, Matrix Partners India आदि)
- नवंबर 2023: Series A में 23 मिलियन डॉलर (Elevation Capital और 3STATE Ventures के नेतृत्व में)
- अप्रैल 2025: Series B में 40 मिलियन डॉलर (Peak XV Partners के नेतृत्व में)
- मई 2026: 63 मिलियन डॉलर (General Catalyst के नेतृत्व में)
यह क्रमिक फंडिंग दर्शाती है कि निवेशक कंपनी के बिजनेस मॉडल, ग्रोथ ट्रैजेक्टरी और मार्केट पोटेंशियल पर पूरा भरोसा रखते हैं।
General Catalyst के India और MENA CEO नीरज अरोड़ा ने कहा,
“भारत की अगली बड़ी कंज्यूमर कंपनियां नए व्यवहार पैटर्न पर बनेंगी। Scapia ने बहुत पहले यह समझ लिया था कि युवा भारतीयों के लिए ट्रैवल अब सपना नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुका है। कंपनी की तेज ग्रोथ और मजबूत ट्रैवल इकोसिस्टम ने हमें आकर्षित किया।”
Peak XV Partners की पार्टनर साक्षी चोपड़ा ने टिप्पणी करते हुए कहा,
“युवा पीढ़ी ट्रैवल को लेकर बेहद उत्साही है। वे ऐसे फाइनेंशियल प्रोडक्ट चाहते हैं जो उनकी लाइफस्टाइल से पूरी तरह मेल खाएं। Scapia ने पेमेंट, रिवॉर्ड, जीरो फॉरेक्स मार्कअप और ट्रैवल बेनिफिट्स को एक ही प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करके शानदार यूजर एक्सपीरियंस तैयार किया है।”
हालिया इनोवेशंस और भविष्य की रणनीति
पिछले छह महीनों में Scapia ने कई नए फीचर्स लॉन्च किए हैं। इनमें Scapia Pay, Scapia Store और Scapia Experiences प्रमुख हैं। कंपनी अब AI और मशीन लर्निंग का भरपूर इस्तेमाल कर पर्सनलाइज्ड ट्रैवल सुझाव, स्मार्ट रिवॉर्ड अल्गोरिदम और बेहतर यूजर इंटरफेस विकसित कर रही है।
Scapia का दीर्घकालिक लक्ष्य भारत का सबसे बड़ा ट्रैवल इकोसिस्टम बनना है। कंपनी न सिर्फ बुकिंग प्लेटफॉर्म बनेगी, बल्कि युवाओं की पूरी ट्रैवल जर्नी — प्लानिंग से लेकर यादें बनाने तक — का साथी बनेगी।
ट्रैवल इंडस्ट्री का उभार
भारत में ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम, सस्ती एयरलाइंस, बेहतर रोड और एयर इंफ्रास्ट्रक्चर तथा डिजिटल पेमेंट्स ने इस क्षेत्र को नई ऊर्जा दी है। युवा प्रोफेशनल्स, मिलेनियल्स और जेन-जेड ट्रैवल को लेकर खासा उत्साहित हैं।
Scapia ने इसी ट्रेंड को पहचाना और ट्रैवल को फिनटेक के साथ जोड़कर एक अनोखा समाधान पेश किया। जबकि MakeMyTrip, Yatra, EaseMyTrip जैसे प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से बुकिंग पर फोकस करते हैं, Scapia फाइनेंशियल बेनिफिट्स और रिवॉर्ड्स के जरिए लॉयल्टी और वैल्यू क्रिएशन पर जोर दे रही है।
रणनीतिक फोकस
ट्रैवल सेक्टर मौसमी उतार-चढ़ाव, प्रतिस्पर्धा और आर्थिक अनिश्चितताओं से प्रभावित रहता है। इसके अलावा रेगुलेटरी मुद्दे, फॉरेक्स फ्लक्चुएशन और यूजर एक्विजिशन की लागत भी चुनौती हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए Scapia AI और डेटा एनालिटिक्स पर भारी निवेश कर रही है। कंपनी टियर-2 और टियर-3 शहरों में गहरी पैठ बनाने की योजना बना रही है, जहां ट्रैवल की भूख तेजी से बढ़ रही है लेकिन आधुनिक समाधान अभी कम उपलब्ध हैं।
Scapia युवा भारत की नई आकांक्षा
Scapia की सफलता की कहानी सिर्फ फंडिंग और आंकड़ों की नहीं है। यह उस बदलते भारत की कहानी है जहां युवा महज नौकरी और कमाई नहीं, बल्कि अनुभव और यादें भी जमा करना चाहते हैं। जहां ट्रैवल अब लग्जरी नहीं, बल्कि जीवन का अनिवार्य हिस्सा बन गया है।
63 मिलियन डॉलर की इस फंडिंग से Scapia को नई उड़ान मिली है। अब कंपनी का फोकस स्केलिंग, इनोवेशन और यूजर सेंट्रीसिटी पर होगा। अगर Scapia अपने विजन को साकार कर पाई, तो न सिर्फ खुद को मजबूत ब्रांड बना लेगी, बल्कि भारतीय ट्रैवल इंडस्ट्री को भी नई दिशा देगी।
अनिल गोटेती और उनकी टीम का यह सफर साबित करता है कि सही समय पर सही आइडिया, मजबूत एक्जीक्यूशन और निवेशकों का समर्थन मिले तो भारतीय स्टार्टअप्स वैश्विक स्तर पर भी कमाल कर सकते हैं। Scapia अब युवा यात्रियों के लिए सिर्फ एक ऐप नहीं, बल्कि एक विश्वसनीय साथी बन चुकी है — जो हर यात्रा को आसान, किफायती और यादगार बनाने का वादा करती है।

