Sunday, May 17, 2026
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नीति Xtreame Ultra Run- 2026: रोमांच और साहस का महासंगम

नीति घाटी में नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 का भव्य आयोजन कर रहा है। यह आयोजन 31 मई से 2 जून 2026 तक “Beyond the Canyon” थीम के साथ होगा। इसमें भारतीय सेना और आईटीबीपी की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

हिमालय की गोद में बसी नीति घाटी अब साहसिक पर्यटन का नया केंद्र बनने जा रही है। उत्तराखंड पर्यटन विभाग आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन के सफल आयोजन के बाद पहली बार चमोली जिले की नीति घाटी में नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 का भव्य आयोजन कर रहा है। यह आयोजन 31 मई से 2 जून 2026 तक “Beyond the Canyon” थीम के साथ होगा। इसमें भारतीय सेना और आईटीबीपी की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट विजन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ग्रामीण स्वरोजगार एवं आजीविका मिशन को मजबूती देने वाला यह आयोजन बॉर्डर क्षेत्र के गांवों को नई पहचान और आर्थिक समृद्धि प्रदान करेगा।

नीति घाटी विश्व की उन चुनिंदा जगहों में से एक है जहां प्रकृति ने अपनी अनुपम कृति रची है। ऊंची चोटियां, विशाल ग्लेशियर, ग्रैंड कैन्यन जैसी खाईयां, हरे-भरे मैदान और पारंपरिक गांव इस घाटी को अनोखा बनाते हैं। यहां का उच्चतम बिंदु रिमखिम 4,384 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इस अल्ट्रा रन में धावक दुर्लभ ऑक्सीजन, तेज ठंडी हवाओं, ऊबड़-खाबड़ रास्तों और ऊंचाई की चुनौतियों का सामना करेंगे। विश्व में सबसे ऊंचाई वाली अल्ट्रा मैराथनों में मुख्य रूप से हिमालय और लद्दाख क्षेत्र शामिल हैं। नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन विश्व की छठवीं और भारत की चौथी सबसे ऊंचाई वाली अल्ट्रा दौड़ का रिकॉर्ड कायम करेगी। 75 किलोमीटर की अल्ट्रा रन रिमखिम से शुरू होकर सुमना, ग्रैंड कैन्यन स्ट्रेच और मलारी होते हुए नीति गांव तक जाएगी। वहीं 42 किलोमीटर की मैराथन नीति में 42 किमी लूप के रूप में आयोजित होगी। रूट का बड़ा हिस्सा 3,000 मीटर से ऊपर स्थित है। धावकों को यहां न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक दृढ़ता की भी कड़ी परीक्षा देनी होगी।

इस वर्ष कुल 908 धावक रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। ये भारत के 26 राज्यों के अलावा दो विदेशी देशों से भी आ रहे हैं। सभी प्रतिभागियों के लिए मेडिकल चेक-अप अनिवार्य है। दौड़ के दौरान मेडिकल टीम, सपोर्ट स्टेशन और इमरजेंसी हेलीकॉप्टर की सुविधा उपलब्ध रहेगी। पर्यटन विभाग के अलावा आईटीबीपी और भारतीय सेना पूरे आयोजन में सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स सहयोग प्रदान कर रही है।

जनवरी 2026 में जब नीति घाटी में अल्ट्रा मैराथन की घोषणा हुई थी, मात्र चार महीने पूर्व — नीति घाटी में पंजीकृत होम स्टे की क्षमता 35 कमरों से बढ़कर 265 से अधिक कमरों तक पहुँच गई है, साथ हीं बेड( bed) कैपेसिटी 630 से भी अधिक पहुंच गयी है । स्थानीय लोगों ने अपने पारंपरिक घरों को आकर्षक होमस्टे में बदलना शुरू कर दिया है।इससे ग्रामीणों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है। स्थानीय खान-पान, गाइडिंग, परिवहन, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से नए रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। युवा अब गांव छोड़ने के बजाय स्थानीय स्तर पर ही स्वरोजगार की ओर रुख कर रहे हैं। माणा घाटी और बद्रीनाथ की तरह नीति घाटी भी अब पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनने जा रही है।

द्रोणागिरी ट्रैकिंग, तिम्मरसैंण महादेव और भविष्य बद्री जैसे आकर्षणों के बावजूद नीति घाटी पर्यटकों की नजरों से दूर रही। अल्ट्रा मैराथन जैसे बड़े आयोजनों से क्षेत्र की ब्रांडिंग हो रही है। उत्तराखंड सरकार जल्द ही विदेशी पर्यटकों के लिए इनर लाइन परमिट समाप्त करने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजेगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या और बढ़ेगी। नीति घाटी केवल प्राकृतिक सौंदर्य के लिए नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां के लोक नृत्य, पारंपरिक संगीत और हिमालयी व्यंजन पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। आयोजन के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

पर्यटन सचिव धीरज गर्ब्याल ने कहा, “यह आयोजन केवल एक खेल स्पर्धा नहीं है। यह उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय एडवेंचर टूरिज्म का हब बनाने की रणनीति का हिस्सा है। दूरस्थ क्षेत्रों में पर्यटकों के आने से होमस्टे, होटल, गाइड, परिवहन और हस्तशिल्प उद्योगों को व्यापक लाभ मिलेगा।”

आयोजकों ने ऊंचाई वाले क्षेत्र की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पूरी तैयारी की है। प्रतिभागियों को ऊंचाई बीमारी (AMS) से बचाव के लिए विशेष प्रशिक्षण और दवाइयां दी जाएंगी। सपोर्ट स्टेशनों पर ऑक्सीजन, पानी, ऊर्जा युक्त खाद्य सामग्री और चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी गई है। आयोजक “लीव नो ट्रेस” सिद्धांत का पालन सुनिश्चित करेंगे ताकि घाटी की प्राकृतिक सुंदरता बनी रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा:
“हमारा उत्तराखण्ड 25 वर्षों की यह यात्रा त्याग, संघर्ष और निर्माण की यात्रा रही है। इस पर्वतीय राज्य ने हर कठिनाई में अपना धैर्य नहीं खोया — चाहे प्राकृतिक आपदाएँ हों, पलायन की चुनौती हो, या विकास के सीमित संसाधन। आदरणीय साथियो, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी कहते हैं — ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास।’ इन चार शब्दों में पूरी राष्ट्र-निर्माण की दर्शन समाहित है। नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन उसी दर्शन का व्यावहारिक प्रकटन है — जहाँ जनजातीय समाज है, महिलाएँ हैं, सीमान्त ग्रामवासी हैं, उत्तराखण्ड का युवा है — और सब एक साथ इतिहास रच रहे हैं।

आज जो मशाल यहाँ प्रज्ज्वलित होगी, वह 31 मई को नीति घाटी की 4,384 मीटर ऊँची दुर्गम वादियों में भी उतनी ही तेज़ जलेगी। यह मशाल केवल एक दौड़ की नहीं — यह उत्तराखण्ड के पुनर्जागरण की मशाल है। यह मशाल उस नीति गाँव की मशाल है जो 1962 के बाद उपेक्षित रहा — और जो आज, प्रधानमंत्री जी के ‘वाइब्रेंट विलेज’ संकल्प और हमारी राज्य सरकार के प्रयासों से, भारत का गर्व बनने जा रहा है।”

नीति घाटी के ग्रामीणों में उत्साह चरम पर है। होमस्टे मालिक, युवा गाइड और स्थानीय दुकानदार इस आयोजन को अपनी आजीविका का नया सहारा मान रहे हैं। धावकों के लिए यह दौड़ साहस और उपलब्धि का प्रतीक होगी तो स्थानीय लोगों के लिए यह सपनों को साकार करने का अवसर।

प्रतिभागी और श्रेणियाँ
वर्तमान आंकड़ों के अनुसार कुल 908 रजिस्ट्रेशन हुए हैं। श्रेणीवार विभाजन इस प्रकार है:

75K Ultra Run: 155 धावक

42K Marathon: 143 धावक

21K Half Marathon: 194 धावक

10K Short Run: 189 धावक

5K Fun Run: 227 धावक (बच्चे भी शामिल)

पुरुष ओपन श्रेणी में भागीदारी अधिक है, मगर महिला धावकों की संख्या भी उल्लेखनीय है। राज्यवार भागीदारी में उत्तराखंड शीर्ष पर है (651 धावक), इसके बाद उत्तर प्रदेश (76), दिल्ली (55), हरियाणा (31) आदि हैं। यह दर्शाता है कि स्थानीय युवा भी इस चुनौतीपूर्ण आयोजन में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे हैं।

कार्यक्रम के आयोजन से जुड़ी प्रमुख गतिविधियाँ:

23 मई 2026: देहरादून में प्री-इवेंट काउंटडाउन रन (300+ प्रतिभागी)।

27 मई: 75 किमी अल्ट्रा रनर्स का आगमन।

28 मई: 42 किमी रनर्स का आगमन, बिब एक्सपो और मेडिकल चेक-अप।

29 मई: शेष प्रतिभागियों का आगमन, एक्लिमेटाइजेशन और मेडिकल चेक-अप।

30 मई: ब्रिफिंग सेशन, बिब कलेक्शन और सांस्कृतिक संध्या।

31 मई (रेस डे-1): सुबह 5 बजे 75 किमी अल्ट्रा और 42 किमी मैराथन की शुरुआत, शाम में सांस्कृतिक कार्यक्रम।

1 जून (रेस डे-2): 21K, 10K और 5K रेस, पुरस्कार वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम।

2 जून: 30 किमी माउंटेन बाइक (MTB) रेस और समापन।

 

 

 

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