NTI (जोशीमठ) : पर्यटन एवं ग्रामीण विकास विभाग की पहल पर सीमांत क्षेत्र नीति घाटी में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। पर्यटन एवं ग्रामीण विकास सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन मैराथन की तैयारियों का जायजा लेते हुए नीति गांव, गमशाली, बम्पा समेत कई गांवों का दौरा किया।
दौरे के दौरान सचिव गर्ब्याल ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ बैठक की और उन्हें होमस्टे चलाने, ऑर्गेनिक उत्पादन, मोटे अनाज की खेती तथा फल-उद्यान स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि पर्यटन से जुड़ी इन गतिविधियों से न केवल उनकी आय के नए स्रोत विकसित होंगे, बल्कि क्षेत्र का समग्र विकास भी होगा।
नीति घाटी उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित एक दूरस्थ हिमालयी घाटी है, जो भारत-तिब्बत सीमा से सटी हुई है। यह क्षेत्र नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व का हिस्सा है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता, भोटिया संस्कृति, टिम्मरसैंण महादेव गुफा तथा ऊंचाई वाले बुग्यालों के लिए प्रसिद्ध है। नीति गांव भारत का अंतिम गांव है, जहां से नीति दर्रा तिब्बत की ओर जाता है। गमशाली और बम्पा जैसे गांव ऊंचाई पर बसे हैं, जहां पर्यटक शांति और एडवेंचर दोनों की तलाश में पहुंचते हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने खास तौर पर निर्देश दिए कि पर्यटन का विकास सस्टेनेबल होना चाहिए। भोटिया संस्कृति, पारंपरिक वस्त्र, हस्तशिल्प और लोकगीतों को संरक्षित रखते हुए पर्यटकों को अनुभव प्रदान किया जाए। कचरा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय परंपराओं का सम्मान जरूरी है। नीति घाटी में पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। 2024-25 में क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां तेज हुई हैं। अल्ट्रा मैराथन जैसे आयोजन होते रहने चाहिए ये पर्यटन को बढ़ावा देंगे।
मैराथन की तैयारियां
सचिव गर्ब्याल ने मैराथन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि 31 मई से 2 जून 2026 तक होने वाला नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन इस क्षेत्र को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर लाएगा। यह आयोजन आदि कैलाश परिक्रमा अल्ट्रा मैराथन की तर्ज पर आयोजित किया जा रहा है।
इस आयोजन से हजारों पर्यटकों और एथलीटों के आने की संभावना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। सचिव ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे अपने पुश्तैनी घरों को पर्यटन विभाग की होमस्टे योजना के तहत विकसित करें। पहाड़ी भोजन परोसकर पर्यटकों को आकर्षित किया जाए। इससे आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
ऑर्गेनिक उत्पादों का वैश्विक बाजार
सचिव गर्ब्याल ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत “House Of Himalaya” ब्रांड के तहत पर्वतीय क्षेत्र के ऑर्गेनिक उत्पादों और मोटे अनाजों को खरीदकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2023 में शुरू किया गया यह ब्रांड महिलाओं और स्थानीय कारीगरों को सशक्त बना रहा है। इसमें पहाड़ में उत्पादित समस्त अनाज, दालें, घी, शहद आदि शामिल हैं।
नीति घाटी में भोटिया समुदाय पारंपरिक रूप से ऑर्गेनिक खेती करता है। यहां की मिट्टी और जलवायु मोटे अनाज और औषधीय पौधों के लिए उपयुक्त है। हाउस ऑफ हिमालय इन उत्पादों को फाइव स्टार होटलों में ऑउटलेट्स बनाकर बेच रहा है। जिससे किसानों की आय कई गुना बढ़ सकती है। इससे बेरोजगारी कम होगी और युवा गांवों में रहकर उद्यम कर सकेंगे।
नीति घाटी की आबादी सीमित है और सर्दियों में बर्फबारी के कारण लोग निचले क्षेत्रों में चले जाते हैं। पर्यटन से मौसमी रोजगार बढ़ेगा। गमशाली बुग्याल ट्रेक, टिम्मरसैंण महादेव गुफा (बर्फ का शिवलिंग) और आसपास के द्रोणागिरी पर्वत जैसे आकर्षण पहले से ही पर्यटकों को खींच रहे हैं।
धीराज गर्ब्याल ने ग्रामीणों से कहा, “सीमांत क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ रही है। इसे अवसर बनाएं। होमस्टे, ऑर्गेनिक फार्मिंग और उद्यान से आपकी आय बढ़ेगी और बेरोजगारी समाप्त होगी।” सरकार की यह पहल न केवल आर्थिक विकास करेगी बल्कि सांस्कृतिक धरोहर को भी संजोएगी। नीति, गमशाली और बम्पा जैसे गांव अब पर्यटन हब बन सकते हैं।



