Saturday, May 30, 2026
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चम्पावत में गोल्ज्यू कॉरिडोर का रास्ता साफ, भूमि हस्तांतरित

गोल्ज्यू कारिडोर परियोजना के विस्तार और पर्यटन विकास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया गया है। जिला प्रशासन ने तहसील चंपावत के ग्राम चंपावत में स्थित 1.504 हेक्टेयर भूमि पर्यटन विभाग, उत्तराखंड शासन को निशुल्क हस्तांतरित कर दी है। इस भूमि पर जन सुविधाओं, पर्यटन अवस्थापना और अन्य पर्यटन संबंधी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

चंपावत: गोल्ज्यू कारिडोर परियोजना के विस्तार और पर्यटन विकास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया गया है। जिला प्रशासन ने तहसील चंपावत के ग्राम चंपावत में स्थित 1.504 हेक्टेयर भूमि पर्यटन विभाग, उत्तराखंड शासन को निशुल्क हस्तांतरित कर दी है। इस भूमि पर जन सुविधाओं, पर्यटन अवस्थापना और अन्य पर्यटन संबंधी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की “आदर्श चंपावत” की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार कार्य कर रहा है। गोल्ज्यू कारिडोर परियोजना के अंतर्गत जन सुविधाओं के विकास के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्र की सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यटन क्षमता का और विकास होगा।

जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, तहसील चंपावत के ग्राम चंपावत की गैर जाबि खतौनी, खाता संख्या 314, बसरा संख्या 6721 एवं खसरा संख्या 6721, रकबा 1.504 हेक्टेयर भूमि हाईस्कूल कमेटी चंपावत के नाम से दर्ज थी। इस भूमि को श्रेणी एक (क) हिस्सेदार के रूप में पर्यटन विभाग के नाम निशुल्क हस्तांतरण एवं नामांतरण की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

डीएम मनीष कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परियोजना से जुड़े सभी कार्यों को समयबद्ध एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमि हस्तांतरण के बाद यह सुनिश्चित किया जाएगा कि क्षेत्र में किसी भी धार्मिक या ऐतिहासिक महत्व की संरचना प्रभावित न हो।  संबंधित अधिकारियों को परियोजना की नियमित समीक्षा करने और किसी भी बाधा को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी कार्य पारदर्शिता बनाए रखते हुए पूरे किए जाएंगे।

गोल्ज्यू कारिडोर परियोजना चंपावत जिले के पर्यटन विकास की एक प्रमुख परियोजना है। इस परियोजना के तहत गोल्ज्यू देवता से जुड़े विभिन्न धार्मिक स्थलों को जोड़ते हुए बेहतर सड़क, पैदल मार्ग, विश्राम स्थल, पार्किंग, शौचालय, रोशनी और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने कहा, “यह भूमि हस्तांतरण गोल्ज्यू कारिडोर को और व्यापक बनाने में सहायक सिद्ध होगा। परियोजना क्षेत्र की सांस्कृतिक एवं धार्मिक पहचान को सशक्त करने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।” उन्होंने आगे कहा कि पर्यटन के विकास से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, होमस्टे, दुकानें, गाइड और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप चंपावत को पर्यटन, धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से विकसित करने के लिए जिला प्रशासन तेजी से काम कर रहा है। गोल्ज्यू कारिडोर परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। परियोजना के पूरा होने के बाद चंपावत न केवल धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनेगा बल्कि साहसिक पर्यटन और इको-टूरिज्म की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों की आजीविका बढ़ने से पलायन रुकने और क्षेत्र का समग्र विकास होने की उम्मीद है।

स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने भूमि हस्तांतरण के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस परियोजना के पूरा होने से चंपावत में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

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