Saturday, May 30, 2026
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नीति घाटी स्थित कैलाशपुर के राजमा को मिलेगी वैश्विक पहचान

सचिव पर्यटन एवं ग्रामीण विकास धीराज गर्ब्याल ने नीति घाटी के अत्यंत दुर्गम क्षेत्र कैलाशपुर गांव का दौरा किया। यहां पहुंचकर उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित होमस्टे योजना की विस्तार से जानकारी दी गई।

नीति घाटी (चमोली): सचिव पर्यटन एवं ग्रामीण विकास धीराज गर्ब्याल ने नीति घाटी के अत्यंत दुर्गम क्षेत्र कैलाशपुर गांव का दौरा किया। यहां पहुंचकर उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित होमस्टे योजना की विस्तार से जानकारी दी गई।

 सचिव धीराज गर्ब्याल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप सीमांत क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पर्यटन विभाग पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि होमस्टे योजना के तहत उनके घरों को पर्यटकों के लिए तैयार किया जा सकता है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय के साधन उपलब्ध होंगे।

नीति घाटी का कैलाशपुर गांव अपनी ऑर्गेनिक राजमा की पैदावार के लिए पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध है। यहां उच्च गुणवत्ता वाला राजमा उगाया जाता है। साथ ही सेब का भी अच्छा उत्पादन होता है। सचिव ने ग्रामीणों से राजमा की पैदावार बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि House of Himalaya के माध्यम से इस राजमा को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जाएगा। इससे किसानों को उचित मूल्य मिलेगा और मध्यस्थों से मुक्ति मिलेगी।

सचिव ने सेब उत्पादन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि नए सेब के उद्यान स्थापित किए जाएं और यात्रा मार्गों पर पर्यटकों को ताजा सेब उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। इससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

kailashpur village niti valley

ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों ने सचिव से टिम्मरसैंण महादेव यात्रा को विंटर टूरिज्म के रूप में विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि यह यात्रा धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और सर्दियों में इसे पर्यटन गतिविधि के रूप में संचालित करने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। सचिव ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विभाग द्वारा इस दिशा में योजनाबद्ध कार्य किया जाएगा।

बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सीमांत गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल के बारे में भी विस्तार से चर्चा हुई। सचिव ने बताया कि सरकार सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। पर्यटन और कृषि को जोड़कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की रणनीति पर काम चल रहा है।

ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं भी रखीं। उन्होंने बेहतर सड़क सुविधा, मोबाइल नेटवर्क, सिंचाई व्यवस्था और कृषि उत्पादों के लिए कोल्ड स्टोरेज की मांग की। सचिव ने इन मांगों पर गंभीरता से विचार करने और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर शीघ्र समाधान निकालने का आश्वासन दिया।  कैलाशपुर जैसे दुर्गम गांवों में पर्यटन और कृषि को बढ़ावा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में यह पहल सराहनीय है।

सचिव धीराज गर्ब्याल ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे स्वयं को पर्यटन और कृषि क्षेत्र में सशक्त बनाएं। सरकार हर संभव सहायता और प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगी। बैठक के अंत में ग्रामीणों ने सचिव का धन्यवाद किया और आशा जताई कि यह दौरा उनके गांव के समग्र विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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