चौरासी कुटिया ने पांच माह में कमाए 25 लाख

देहरादून : राजाजी टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट में स्थित चौरासी कुटिया पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस साल पांच माह के भीतर यहां 13 हजार देशी-विदेशी पर्यटकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए कुटिया से पांच माह के भीतर ही 25 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। पर्यटकों की बढ़ती भीड़ से पार्क और पर्यटन विभाग की उम्मीदों को पंख लग रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त ऋषिकेश और इससे लगे राजाजी टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए हमेशा आकर्षण का केंद्र रहा है। मगर, इस बार पार्क के भीतर महर्षि महेश योगी की चौरासी कुटिया को देखने वाले पर्यटकों की संख्या में दोगुना इजाफा हुआ है।

2017 में चौरासी कुटिया में 14 हजार पर्यटक पहुंचे थे। इनसे पार्क को 20 लाख 33 हजार रुपये की इनकम हुई थी। लेकिन, इस साल जनवरी से मई 2018 तक चौरासी कुटिया देखने वालों की संख्या 13 हजार पहुंच गई है। इनसे 25 लाख रुपये का राजस्व मिला है। अभी पीक सीजन के अलावा साल के आठ माह शेष हैं। ऐसे में पर्यटकों की आमद और आमदनी से चौरासी कुटिया सालभर गुलजार रहेगी।

पर्यटकों की भीड़ और राजस्व से पार्क प्रशासन भी उत्साहित है। सूत्रों का कहना है कि पांच सौ से ज्यादा विदेशी पर्यटक सिर्फ चौरासी कुटिया देखने पहुंचे। जो पार्क के अलावा ऋषिकेश और हरिद्वार में भी भ्रमण करने गए। इसका लाभ राज्य के पर्यटन को मिला है। अभी जर्जर हाल में चौरासी कुटिया को उनके मूल स्वरूप में लाया गया तो यह प्रदेश के पर्यटन में मील का पत्थर साबित होंगी।

वर्ष—————देशी—–विदेशी——आय 

2015———–448——181——-2.50 लाख

2016———8268—–1173—-18 लाख

2017——-13888——–818—20 लाख

2018——-10400——2237—25 लाख (मई तक)

पार्क के गेटों के पर्यटक व इनकम 

गेट———–भारतीय——विदेशी——आय

रानीपुर——–1708——-18————4 लाख

आशारोडी——100———00———-25 हजार

चीला———26836——1635——–67 लाख

मोतीचूर——10289———85——–22 लाख

मोहंड————1185——–14———-3 लाख

चौरासी कुटिया के बारे में 

महर्षि महेश योगी ने 1961 में वन विभाग से चौरासी कुटिया के लिए जमीन लीज पर ली थी। 20 साल की लीज 1981 में खत्म हो गई। लीज बढ़ाने की जटिल प्रक्रिया के बीच 1983 में रिजर्व टाइगर फॉरेस्ट की स्थापना हुई। इसके बाद कोर्ट ने यहां किसी भी तरह की गतिविधियों पर रोक लगा दी थी।

जिसके बाद से यहां करोड़ों की संपत्ति खंडहर में तब्दील हो गई थी। अब 2015 में राज्य सरकार ने पर्यटन गतिविधियों के लिए सशर्त इसको खोला है। जिसका फायदा राज्य के पर्यटन गतिविधियों में मिल रहा है।

पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण

पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर के मुताबिक चौरासी कुटिया पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इससे विदेशी पर्यटकों को आस्था और संस्कृति से जोड़ा जा सकता है। यहां आने वाले पर्यटकों का लाभ पूरे प्रदेश को मिलेगा।

ज्यादा सुविधाएं जुटाई गई 

राजाजी टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट के निदेशक सनातन के मुताबिक इस बार चौरासी कुटिया में पहले से ज्यादा सुविधाएं जुटाई गई हैं। पर्यटकों की संख्या भी दोगुनी हुई है। इससे पार्क को अच्छी आय की उम्मीद की जा रही है। विदेशी पर्यटकों के लिए कुटिया आकर्षण का केंद्र बनी है।

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