NTI: उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, और वित्तीय वर्ष 2023-24 में राज्य की जीडीपी वृद्धि दर 7.83% रही है। इस विकास में कई सेक्टरों का योगदान रहा है, लेकिन सबसे चौंकाने वाला योगदान मत्स्य पालन सेक्टर का रहा है। उत्तराखंड राज्य सर्वेक्षण रिपोर्ट 2024-25 के अनुसार, मत्स्य पालन सेक्टर राज्य की अर्थव्यवस्था में 9.39% का योगदान देकर तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, क्योंकि राज्य के गठन के बाद पहली बार मत्स्य पालन सेक्टर ने इतना बड़ा योगदान दिया है।
मत्स्य पालन मंत्री सौरव बहुगुणा ने इस विकास को राज्य के पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों के लिए रोजगार के नए अवसरों के रूप में देखा है। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन, दुग्ध विकास, कृषि, बागवानी और पशुपालन जैसे सेक्टर राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में आजीविका के मुख्य साधन बन सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मत्स्य पालन सेक्टर में अब तक कोई ठोस नीति नहीं थी, लेकिन मुख्यमंत्री मत्स्य पालन संपदा योजना के तहत पहली बार इस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक नीति लागू की गई है। इस योजना के तहत महिलाओं को मत्स्य पालन से जोड़ने के लिए 50% सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा, उत्तराखंड एक आपदा प्रभावित राज्य होने के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में मत्स्य पालन से संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान होता रहा है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए, नई योजना में मत्स्य पालकों के लिए बीमा की सुविधा भी शुरू की गई है। इससे मत्स्य पालकों को आपदा के कारण होने वाले नुकसान से सुरक्षा मिलेगी और उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा।
मत्स्य पालन सेक्टर का यह विकास न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है, बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है। इससे राज्य के युवाओं और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिल रही है। मत्स्य पालन सेक्टर में हो रही यह प्रगति उत्तराखंड के सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

