Tuesday, March 3, 2026
HomeNewsबिना ड्रग लाइसेंस के करोड़ों दवाईयां बेचने पर 6 के खिलाफ मुकदमा...

बिना ड्रग लाइसेंस के करोड़ों दवाईयां बेचने पर 6 के खिलाफ मुकदमा दर्ज

देहरादून: नकली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ उत्तराखंड विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। एसटीएफ ने बिना ड्रग लाइसेंस और जीएसटी पंजीकरण के फर्जी फार्मा कंपनी चलाकर करोड़ों रुपये का मुनाफा कमाने वाले छह आरोपियों के खिलाफ थाना डालनवाला में मुकदमा दर्ज कराया है।

जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने गैस्ट्रो, ब्लड प्रेशर और पेन किलर जैसी सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली नकली दवाओं की आपूर्ति कई राज्यों में की थी। एसटीएफ के सब-इंस्पेक्टर नरोत्तम बिष्ट ने थाना डालनवाला में शिकायत दर्ज कराई है। एफआईआर के अनुसार, नकली दवाओं की खरीद-फरोख्त की जांच के दौरान फार्मा कंपनी के मालिक, जो हरियाणा के पानीपत के निवासी हैं, को कुछ समय पहले गिरफ्तार किया गया था।

फार्मा कंपनी की जांच में सामने आया कि यह पूरी तरह फर्जी है। दिए गए पते पर कोई फर्म संचालित नहीं पाई गई। फर्म के बैंक खातों की पड़ताल से पता चला कि यह खाता 18 अक्टूबर 2023 को बिना किसी जीएसटी या ड्रग लाइसेंस के खोला गया था। खाते के लेन-देन की जांच में पिछले दो वर्षों में नकली दवाओं के व्यापार से जुड़े करीब 13 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन का खुलासा हुआ।

इसके बावजूद, आरोपी और उसकी पत्नी ने इन लेन-देन से संबंधित कोई दस्तावेज जैसे बिल, जीएसटी रिटर्न आदि नहीं बनाए। ज्यादातर लेन-देन दवाओं की खरीद-फरोख्त करने वाली फर्मों के माध्यम से हुए, लेकिन दवाओं की खरीद या बिक्री से जुड़े कोई बिल या रिकॉर्ड बरामद नहीं हुए।

आरोपी दंपति ने संदिग्ध फर्मों के माध्यम से शोभा त्यागी और गौरव त्यागी (रुड़की निवासी) के यस बैंक राजपुर रोड खाते, प्रोफेसर अनुराधा (कनखल निवासी) के पीएनबी गुरुकुल कांगड़ी शाखा खाते, अभिनव शर्मा (कनखल, हरिद्वार निवासी) के एचडीएफसी बैंक खाते तथा गौरव त्यागी (रुड़की निवासी) के खाते में दवाओं की राशि का अवैध लेन-देन किया। इसके अलावा, कई अन्य राज्यों में भी इस फर्जी फार्मा से जुड़े नकली दवाओं के अवैध व्यापार के बैंक खाता नंबर प्राप्त हुए हैं।

बताया जाता है कि हाल ही में सेलाकुई में नकली दवाओं की फैक्ट्री पर छापेमारी के बाद एसटीएफ ने कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिसमें इस मुख्य आरोपी को भी पकड़ा गया था और उसके बाद जेल भेज दिया गया।

एसटीएफ के एसएसपी नवनीत भुल्लर ने बताया, “जांच में स्पष्ट हुआ है कि आरोपी प्रदीप कुमार, श्रुति, गौरव त्यागी, शोभा त्यागी, अभिनव शर्मा और अनुराधा ने उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों में नकली दवाओं का अवैध व्यापार किया। एसआई नरोत्तम बिष्ट की तहरीर पर छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है और एसटीएफ मामले की गहन जांच कर रही है।”

प्राधिकारियों ने नकली दवाओं के सार्वजनिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले खतरे पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे नेटवर्कों के खिलाफ अभियान तेज किया जाएगा ताकि उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

RELATED ARTICLES