NTI: उत्तरकाशी के पर्यटन ग्राम रैथल, जो दयारा बुग्याल के प्रमुख पड़ावों में से एक है, में वर्ष 2020 में पर्यटन गतिविधियों और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रोथ सेंटर का निर्माण किया गया था। लेकिन चार साल बाद भी यह केंद्र शुरू नहीं हो पाया है। इसके चलते यह भवन धीरे-धीरे बदहाल स्थिति में पहुंच रहा है। शासन-प्रशासन की ओर से बार-बार निरीक्षण तो किया जाता है, लेकिन इसके बाद कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
प्रदेश सरकार ने स्थानीय लोगों की मांग पर वर्ष 2020 में लगभग 60 लाख रुपये की लागत से रैथल में ग्रोथ सेंटर का निर्माण करवाया। इसे पहाड़ी वास्तुकला में दो मंजिला भवन के रूप में तैयार किया गया। दयारा बुग्याल के अहम पड़ाव होने के कारण इस केंद्र को ट्रेकिंग से जुड़ी सामग्री की उपलब्धता के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया था। साथ ही, इसमें हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों और महिला स्वयं सहायता समूहों के सामान की बिक्री के लिए स्टोर और दुकानें भी बनाई गईं। पर्यटकों के मनोरंजन के लिए कॉफी क्लब और अन्य सुविधाएं भी जोड़ी गईं।
शासन-प्रशासन की उदासीनता के कारण इस ग्रोथ सेंटर का संचालन अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। रखरखाव की कमी के चलते भवन अपनी सुंदरता और उपयोगिता दोनों खो रहा है। स्थानीय लोग इस स्थिति से बेहद नाराज हैं। उनका कहना है कि अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण करते हैं और जल्द संचालन शुरू करने का आश्वासन देते हैं, लेकिन यह आश्वासन केवल कागजों तक ही सीमित रह जाता है।
रैथल के निवासियों का मानना है कि अगर इस ग्रोथ सेंटर का संचालन शुरू कर दिया जाए, तो यह न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर भी पैदा करेगा। उनका यह भी कहना है कि दयारा बुग्याल जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के पास इस तरह के केंद्र का सही ढंग से उपयोग किया जाना चाहिए।
रैथल ग्रोथ सेंटर का निर्माण क्षेत्रीय विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक सकारात्मक कदम था, लेकिन इसकी वर्तमान स्थिति प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाती है। यदि इसे जल्द संचालित नहीं किया गया, तो यह महत्वपूर्ण परियोजना बेकार हो जाएगी। अब जरूरत है कि शासन-प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से ले और इसे जल्द से जल्द कार्यान्वित करे।

