Friday, April 4, 2025
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इस इंसान ने ₹12,400 करोड़ की कंपनी को मात्र ₹74 में बेचा

NTI (मोहन भुलानी): कहते हैं कि सपने बड़े हों तो मेहनत और लगन से उन्हें हकीकत में बदला जा सकता है, लेकिन कभी-कभी किस्मत ऐसा खेल खेलती है कि सब कुछ पल भर में छिन जाता है। ऐसी ही एक हैरान करने वाली कहानी है बी.आर. शेट्टी की, जिन्होंने अपनी मेहनत से एक विशाल साम्राज्य खड़ा किया और फिर उसे अपने सामने ढहते हुए देखा।

बी.आर. शेट्टी का जन्म कर्नाटक के उडुपी में हुआ था। बचपन से ही उनके सपने बड़े थे। यही वजह थी कि 1972 में उन्होंने अपने सपनों को सच करने के लिए भारत छोड़ दिया और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का रुख किया। वहां पहुंचकर उन्होंने न्यू मेडिकल सेंटर (एनएमसी) नाम से एक कंपनी शुरू की। उनकी मेहनत और दूरदर्शिता का नतीजा यह हुआ कि एनएमसी जल्द ही यूएई की सबसे बड़ी हेल्थकेयर कंपनी बन गई। इसके साथ ही उन्होंने फाइनेंशियल सर्विसेज के क्षेत्र में भी कदम रखा और एक के बाद एक कई कंपनियों को अधिग्रहित किया।

साल 2012 में एनएमसी ने लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर अपनी जगह बनाई। कंपनी अपने चरम पर पहुंच गई और उसका वैल्यूएशन करीब 70,000 करोड़ रुपये तक जा पहुंचा। बी.आर. शेट्टी की निजी संपत्ति भी 28,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी। ऐसा लग रहा था कि उनकी मेहनत रंग लाई और वह दुनिया के सबसे सफल उद्यमियों में शुमार हो गए। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

दिसंबर 2019 में एक ऐसा मोड़ आया, जिसने बी.आर. शेट्टी की जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया। अमेरिका की एक फाइनेंशियल रिसर्च फर्म, मडी वाटर्स ने एनएमसी हेल्थकेयर पर गंभीर आरोप लगाए। फर्म का दावा था कि कंपनी ने धोखाधड़ी की है और अपने निवेशकों से 45,000 करोड़ रुपये की देनदारियों को छुपाया है। इस खबर के बाहर आते ही हड़कंप मच गया। जांच शुरू हुई, बैंकों ने कंपनी के खाते फ्रीज कर दिए और शेयर बाजार में एनएमसी के शेयरों की कीमत तेजी से गिरने लगी।

इस संकट के चलते बी.आर. शेट्टी की नेटवर्थ लगभग शून्य हो गई। हालात इतने बिगड़ गए कि उन्हें अपनी कंपनी, जिसका मूल्य कभी 12,400 करोड़ रुपये से ज्यादा था, मात्र 1 डॉलर यानी उस समय के हिसाब से ₹74 में बेचनी पड़ी। यह किसी बुरे सपने से कम नहीं था। शेट्टी का कहना है कि उनके कुछ करीबी एग्जीक्यूटिव्स ने ही उन्हें इस मुसीबत में फंसाया।

फिलहाल यह पूरा मामला कोर्ट में चल रहा है। आने वाला समय ही बताएगा कि इस कहानी का सच क्या है और बी.आर. शेट्टी के साथ जो हुआ, उसके पीछे की असल वजह क्या थी। लेकिन उनकी यह कहानी एक सबक जरूर देती है कि जिंदगी में सफलता और असफलता दोनों ही अस्थायी हो सकती हैं।

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