देहरादून। चकराता से कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह के भाइयों से जुड़े कथित वायरल ऑडियो प्रकरण में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संज्ञान लिया है। शनिवार को मुख्यमंत्री ने कथित रूप से धमकी का सामना कर रहे बालक राम की बेटी दीक्षा से फोन पर बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने पीड़ित परिवार को सुरक्षा और न्याय का भरोसा दिलाते हुए एसएसपी देहरादून को मामले की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं, बालक राम ने भी एसएसपी देहरादून को लिखित शिकायत देकर अपनी और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
बालक राम की ओर से दी गई शिकायत में कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह के भाई चमन सिंह और राजपाल सिंह पर गाली-गलौज करने, धमकी देने और परिवार को भयभीत करने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के मुताबिक, बालक राम त्यूणी क्षेत्र के छुमरा खाट देवदार गांव के निवासी हैं और विद्युत विभाग में लाइनमैन के पद पर कार्यरत हैं। उनकी दोनों बेटियां त्यूणी स्थित महाविद्यालय में पढ़ती हैं। शिकायत में बताया गया है कि उनकी बेटी दीक्षा ने महाविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में सचिव पद और दूसरी बेटी साक्षी ने सहसचिव पद पर प्रत्याशी के रूप में भाग लिया था।
फोन पर धमकाने का लगाया आरोप
बालक राम ने शिकायत में आरोप लगाया है कि 7 अक्टूबर 2026 को सुबह और रात के समय उन्हें फोन कर बेटियों की ज्वाइनिंग कांग्रेस पार्टी में कराने को लेकर दबाव बनाया गया। ऐसा नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दिए जाने का भी आरोप है। शिकायतकर्ता के अनुसार, फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग उनके मोबाइल में सुरक्षित है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि बातचीत की रिकॉर्डिंग का पता चलने के बाद उन्हें और उनके परिवार को देख लेने तथा जान से मारने की धमकियां दी गईं। बालक राम का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति अपने कुछ साथियों के साथ उनके कार्यस्थल बिजलीघर भी पहुंचे थे, जहां उन्हें धमकाया गया। उन्होंने खुद को दिव्यांग बताते हुए अपनी और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सीएम ने दिए जांच के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीक्षा से बातचीत के दौरान परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी व्यक्ति या परिवार को भय के माहौल में रहने के लिए विवश नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
इससे पहले भाजपा नेता और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान ने भी कथित वायरल ऑडियो की पारदर्शी जांच की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने 22 अक्टूबर को भी ऑडियो प्रकरण की जांच को जरूरी बताया था।
फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों और वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

