केदारनाथ धाम की 2026 की यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। बाबा केदार के दर्शन के लिए कपाट बंद होने में महज सात दिन शेष हैं, लेकिन श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। मौसम साफ होने के साथ ही धाम में भक्तों की आवाजाही बढ़ गई है। देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु लगातार पहुंचकर बाबा के दर्शन कर रहे हैं। इस वर्ष अब तक करीब 18 लाख 95 हजार श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं।
धाम में मौसम अनुकूल रहने से श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन का अवसर मिल रहा है। साथ ही बर्फ से ढकी हिमालय की चोटियां और प्राकृतिक सौंदर्य भी पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। पैदल यात्रा मार्ग के अलावा घोड़ा-खच्चर, डंडी-कंडी और हेलीकॉप्टर सेवाओं के माध्यम से भक्त धाम पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में बाबा के जयकारों के बीच यात्रा का उत्साह बना हुआ है।
11 नवंबर को बंद होंगे कपाट
केदारनाथ मंदिर के कपाट 11 नवंबर 2026 को भैयादूज के अवसर पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही इस वर्ष की यात्रा का समापन हो जाएगा। यात्रा के अंतिम सप्ताह में भी श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती आवाजाही को देखते हुए प्रशासन व्यवस्थाओं पर विशेष निगरानी रख रहा है।
सुरक्षा और सुविधाओं पर नजर
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन तथा पुलिस की ओर से यात्रा मार्ग से लेकर धाम तक व्यवस्थाएं बनाए रखी गई हैं। ठहरने, खानपान, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही भीड़ प्रबंधन तथा यातायात नियंत्रण पर ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस और प्रशासन आपसी समन्वय से यात्रा को सुगम बनाने में जुटे हैं।
पुलिस ने दी सतर्क रहने की सलाह
धाम में लगातार बढ़ती ठंड और संभावित बर्फबारी को देखते हुए रुद्रप्रयाग पुलिस ने श्रद्धालुओं से गर्म कपड़े और जरूरी दवाइयां साथ रखने की अपील की है। यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की जानकारी लेने और अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार यात्रा करने की सलाह दी गई है। पैदल मार्ग पर विशेष सतर्कता बरतने तथा प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को भी कहा गया है।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि यात्रा के अंतिम चरण में भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। सुगम दर्शन और सुरक्षित यात्रा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। यात्रा मार्ग से लेकर धाम तक व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। मौसम में बदलाव और बढ़ती ठंड को देखते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से यात्रा पर आने से पहले मौसम की जानकारी लेने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

