NTI: उत्तरकाशी जिले के दुर्बिल गांव में सड़क निर्माण कार्य के दौरान पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे ग्रामीणों और विशेषकर स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए आवाजाही बेहद खतरनाक हो गई है। ग्रामीणों ने इस समस्या को तुरंत सुलझाने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मार्ग दुरुस्त नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
दुर्बिल गांव, जो यमुनोत्री धाम के निकट हनुमान चट्टी क्षेत्र में स्थित है, के लिए करीब 4.5 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माणाधीन है। हालांकि, इस निर्माण कार्य के कारण गांव के पैदल मार्ग पर आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण स्थल से मलबा और चट्टानें गिरने का खतरा बना रहता है, जिससे बच्चों के स्कूल जाने के दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित हैं।
गांव के मोहन लाल और रमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य के दौरान जगह-जगह मलबा और बोल्डर गिरने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा, “हमारे बच्चे रोजाना कॉलेज और स्कूल जाते हैं, लेकिन इस खतरनाक मार्ग से गुजरना उनके लिए जान जोखिम में डालने जैसा है। अगर कोई बड़ा हादसा हो गया, तो जिम्मेदार कौन होगा?”
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार विभाग लापरवाही बरत रहा है। उनका कहना है कि कई बार मलबा और बोल्डर गिरने से लोग बाल-बाल बचे हैं, लेकिन अधिकारियों ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। ग्रामीणों ने निर्माणाधीन सड़क को जल्द पूरा करने और पैदल मार्ग को सुरक्षित बनाने की मांग की है।
इस बीच, कार्यदायी संस्था की साइड इंचार्ज अनु चौहान ने बताया कि पैदल मार्ग पर गिरे मलबे को समय-समय पर हटाया जाता रहा है। उन्होंने कहा, “अगर मलबा आया होगा, तो उसे हटा दिया जाएगा। हम ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं।”
हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि केवल मलबा हटाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने मांग की है कि निर्माण कार्य को तेजी से पूरा किया जाए और पैदल मार्ग को पूरी तरह से सुरक्षित बनाया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे जल्द ही आंदोलन शुरू कर देंगे।
इस मामले में प्रशासन की ओर से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है, ताकि ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

