Thursday, February 26, 2026
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उत्तराखंड में हॉट मिक्स प्लांट लगाने के नियमों में हुआ संशोधन

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्यों को गति देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में हॉट मिक्स प्लांट की स्थापना के नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई। अब पर्वतीय जिलों में राष्ट्रीय राजमार्ग और स्टेट हाइवे से 50 मीटर की दूरी पर हॉट मिक्स प्लांट लगाए जा सकेंगे, जबकि पहले यह दूरी 100 मीटर थी। इस बदलाव से डामरीकरण कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होंगी और ग्रामीण सड़कों का विकास तेज होगा।

कैबिनेट ने उत्तराखंड स्टोन क्रशर, स्क्रीनिंग प्लांट, मोबाइल स्टोन क्रशर, मोबाइल स्क्रीनिंग प्लांट, पल्वराईजर प्लांट, हॉट मिक्स प्लांट, रेडिमिक्स प्लांट अनुज्ञा (तृतीय संशोधन) नीति-2024 को हरी झंडी दी। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह संशोधन विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक चुनौतियों को ध्यान में रखकर किया गया है। मैदानी क्षेत्रों में दूरी का मानक पूर्ववत 100 मीटर ही रहेगा। बैठक में कुल 27 प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1.11 लाख करोड़ रुपये का बजट भी शामिल है।

पुराने नियमों से आ रही थीं दिक्कतें

उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में सड़क निर्माण हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। पहले के नियमों के तहत हॉट मिक्स प्लांट को राष्ट्रीय राजमार्ग या स्टेट हाइवे से कम से कम 100 मीटर दूर स्थापित करना अनिवार्य था। इससे प्लांट लगाने के लिए उपयुक्त स्थान मिलना मुश्किल हो जाता था, खासकर घने जंगलों और ऊबड़-खाबड़ इलाकों में। परिणामस्वरूप, डामरीकरण कार्य प्रभावित होते थे और सड़क परियोजनाओं में देरी होती थी।

भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के अनुसार, कई ठेकेदारों और निर्माण कंपनियों ने इस नियम की वजह से शिकायतें की थीं। पर्वतीय क्षेत्रों में भूमि की कमी और पर्यावरणीय प्रतिबंधों के कारण प्लांट स्थापित करने में वर्षों लग जाते थे। इस संशोधन से अब निर्माण सामग्री की उपलब्धता आसान होगी, जिससे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) और राज्य स्तर की सड़क परियोजनाओं को लाभ मिलेगा। कैबिनेट की बैठक 25 फरवरी को देहरादून में हुई, जहां मुख्यमंत्री धामी ने विकास कार्यों पर जोर दिया।

प्रमुख बदलाव और स्टेकहोल्डर्स के बयान

संशोधित नीति के तहत हॉट मिक्स प्लांट की स्थापना के लिए दूरी मानकों में स्पष्ट विभाजन किया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में 50 मीटर की छूट मिलने से निर्माण लागत में कमी आएगी और समय की बचत होगी। मैदानी जिलों जैसे हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर और देहरादून के कुछ हिस्सों में पुराना नियम लागू रहेगा, ताकि पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का पालन हो।

भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यह बदलाव राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, क्योंकि सड़क निर्माण से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री धामी ने बैठक में कहा कि सरकार पर्वतीय विकास को प्राथमिकता दे रही है, और ऐसे संशोधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देंगे। निर्माण उद्योग से जुड़े ठेकेदारों का मानना है कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

नीति के प्रमुख मानकों की तुलना निम्न तालिका में दी गई है:

क्षेत्र पुराना दूरी मानक (मीटर) नया दूरी मानक (मीटर)
पर्वतीय क्षेत्र 100 50
मैदानी क्षेत्र 100 100

यह तालिका दर्शाती है कि संशोधन मुख्य रूप से पर्वतीय जिलों को लक्षित है, जहां भौगोलिक बाधाएं अधिक हैं।

सड़क विकास पर सकारात्मक प्रभाव

यह संशोधन उत्तराखंड की सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। राज्य में हजारों किलोमीटर सड़कों का निर्माण बाकी है, और हॉट मिक्स प्लांट की आसान स्थापना से ये परियोजनाएं तेजी से पूरी होंगी। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि दूरी घटाने से प्रदूषण का जोखिम बढ़ सकता है, लेकिन विभाग ने आश्वासन दिया कि सभी प्लांटों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मंजूरी लेनी होगी

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