यूएससीबी घोटाले में नया खुलासा: 5 करोड़ की FD पर 8 करोड़ की बैंक गारंटी, शराब कारोबारी के पैसे फंसे, आरबीआई से छिपाई गई हकीकत
देहरादून: दून अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक (यूएससीबी) में चल रहे घोटाले का एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। एक शराब कारोबारी अचिन गुप्ता ने खुलासा किया है कि बैंक ने उनके लिए आबकारी विभाग में जमा 8 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी दी थी, जबकि उनके पास सिर्फ 5 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) थी। अब आरबीआई के प्रतिबंध के बाद यह गारंटी संकट में पड़ गई है और आबकारी विभाग को पैसा कैसे मिलेगा, इस पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बैंक को वसूलना है 58 करोड़, कुल 105 करोड़ तक जुटा सकता है। बैंक के पास खाताधारकों की जमा राशि करीब 124 करोड़ रुपये है। इसमें से एनपीए (फंसे कर्ज) की रकम 35-38 करोड़ बताई जा रही है। बैंक को करीब 58 करोड़ रुपये की वसूली करनी है, जिससे कुल 105 करोड़ तक की राशि जुटाई जा सकती है। यदि सारी राशि जुट जाती है, तो खाताधारकों को उनकी जमा राशि वापस मिल सकती है। लेकिन इसमें समय लग सकता है और प्रक्रिया जटिल है।
प्रभावित खाताधारकों का आरोप है कि बैंक प्रबंधन ने आरबीआई को इस गारंटी और अन्य अनियमितताओं की पूरी जानकारी नहीं दी। सहस्रधारा रोड शाखा में क्रास रोड से अधिक अनियमितताएं पाई गई हैं। खाताधारकों ने मांग की है कि इस मामले की सीबीआई जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
यह घोटाला उत्तराखंड में सहकारी बैंकों की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहा है। आरबीआई ने 10 फरवरी से छह महीनों के लिए निकासी पर रोक लगा दी है, जिससे खाताधारकों में आक्रोश है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी अनियमितताएं बैंकिंग सिस्टम की कमजोर निगरानी को दर्शाती हैं। क्या सरकार इस पर कड़ी कार्रवाई करेगी।

