Sunday, February 8, 2026
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हल्द्वानी में बिना सत्यापन दौड़ रहे हजारों ई-रिक्शा और टेंपो

NTI: हल्द्वानी शहर में तीन हजार से अधिक ई-रिक्शा और करीब 1500 टेंपो के मालिकों व चालकों ने अब तक अपना सत्यापन नहीं कराया है। ये वे वाहन हैं जो रजिस्टर्ड होकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में अपंजीकृत वाहन भी मौजूद हैं। सत्यापन न होने के कारण चालक की पूरी जानकारी पुलिस के पास नहीं है, जिससे वे लगातार बचते आ रहे हैं। सत्यापन न होने का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ सकता है।

सत्यापन न होने के खतरे

यदि किसी सवारी के साथ कोई घटना हो जाए, तो यह पता लगाना मुश्किल होगा कि घटना किस वाहन में हुई और उसका चालक कौन था। यदि सभी वाहन सत्यापित हो जाएं, तो चालकों के आईडी कार्ड बन जाएंगे और वाहन की पहचान पीले, नीले और हरे स्टीकरों के जरिये हो सकेगी।

परिवहन विभाग की पहल

परिवहन विभाग के अनुसार रजिस्टर्ड ई-रिक्शा की संख्या करीब 4100 और टेंपो की संख्या 3500 है। विभाग समय-समय पर इनका सत्यापन करता है, जिसमें वाहन की फिटनेस, कागजातों की जांच के बाद उन्हें पीले और नीले दो स्टीकर दिए जाते हैं।

  • पीला स्टीकर – वेरिफिकेशन दर्शाता है।
  • नीला स्टीकर – रूट क्रमांक को दर्शाता है।
  • हरा स्टीकर – ई-रिक्शा की सत्यापन स्थिति को दर्शाता है।

सत्यापन प्रक्रिया और पुलिस की भूमिका

परिवहन विभाग वाहन के कागजातों की जांच करेगा, जबकि पुलिस विभाग ‘पहचान एप’ के माध्यम से संबंधित चालक का रिकॉर्ड खंगालेगा। इसमें उसका पता, आधार कार्ड नंबर, और यदि कोई मुकदमा दर्ज है, तो उसकी जानकारी भी शामिल होगी। सत्यापन पूरा होने के बाद दोनों विभागों के हस्ताक्षर से चालक को कार्ड जारी किया जाएगा।

सत्यापन की वर्तमान स्थिति

जनवरी में परिवहन विभाग ने कई बार कैंप लगाए, जिसमें:

  • ई-रिक्शा – 4100 में से केवल 900 सत्यापन के लिए पहुंचे।
  • टेंपो – 3500 में से मात्र 2100 का सत्यापन हुआ।

अब भी 3200 ई-रिक्शा और 1400 टेंपो बिना सत्यापन के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। न तो इन वाहनों की स्थिति विभाग के पास है और न ही चालकों की जानकारी पुलिस के पास उपलब्ध है।

सत्यापन में बाधाएं और प्रशासन की सख्ती

विभिन्न कैंपों में प्रतिदिन 200 से 250 वाहनों का सत्यापन किया जा सकता था, लेकिन केवल 50-60 वाहन ही पहुंचे। आरटीओ कार्यालय में भी सत्यापन शिविर लगाया गया, लेकिन वहां भी केवल 10-20 वाहन ही पहुंचे।

अब प्रशासन ने जांच तेज कर दी है और बिना सत्यापन के चलने वाले वाहनों को जब्त किया जा रहा है।

बीके सिंह, एआरटीओ प्रशासन: “बिना सत्यापन के चल रहे ई-रिक्शा और टेंपो की जांच तेज कर दी गई है। ऐसे वाहनों को सीज किया जा रहा है।”

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