Sunday, February 8, 2026
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आखिर क्यों और कैसे ‘साइलेंट सॉल्ट एपिडेमिक’ बना भारतीयों का क़ातिल !

वाह रे नमक! छोटा-सा दाना, खाने का जायका दोगुना, लेकिन अब ये बन गया है सेहत का सबसे बड़ा दुश्मन! जी हाँ, वो नमक, जिसके बिना आपकी दाल तड़के से ज्यादा बोरिंग लगती है, अब ‘साइलेंट सॉल्ट एपिडेमिक’ बनकर आपके दिल और दिमाग पर हमला कर रहा है। ICMR-NIE के वैज्ञानिकों ने तो इसे देश की सबसे बड़ी साजिश करार दे दिया है। तो चलिए, इस नमकीन कहानी में थोड़ा तड़का लगाते हैं!

नमक का ओवरडोज

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) कहता है, “भाई, दिन में 5 ग्राम से ज्यादा नमक मत खाओ, वरना बीपी और दिल की बीमारी तुम्हारा पीछा नहीं छोड़ेंगी।” लेकिन हम भारतीय तो ठहरे स्वाद के दीवाने! शहरी लोग रोज़ 9.2 ग्राम नमक ठूँस रहे हैं, यानी WHO की सलाह से दोगुना। गाँव वाले भी पीछे नहीं, 5.6 ग्राम नमक रोज़ खाकर वो भी सुरक्षित सीमा को चिढ़ा रहे हैं। अब ये तो वही बात हुई कि खाने में स्वाद चाहिए, तो बीपी और स्ट्रोक फ्री में ले लो!

साइलेंट सॉल्ट एपिडेमिक: नाम सुना है?

ICMR-NIE के एक्सपर्ट्स ने इस नमकबाजी को ‘साइलेंट सॉल्ट एपिडेमिक’ का तमगा दे दिया। कहते हैं कि ये छोटा-सा दाना धीरे-धीरे लाखों भारतीयों को हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी और स्ट्रोक की ओर धकेल रहा है। अरे भाई, पहले तो चिप्स, नमकीन और प्रोसेस्ड फूड्स ने हमें लत लगाई, और अब ये नमक हमें लताड़ रहा है! अब तो हालत ये है कि नमक की डब्बी देखकर ही बीपी बढ़ने लगता है।

लो सोडियम सॉल्ट: नमक का ‘लाइट’ वर्जन

अब वैज्ञानिकों ने नमक की इस हरकत को कंट्रोल करने के लिए कमर कस ली है। एक कम्युनिटी प्रोग्राम शुरू किया गया है, जिसमें लोगों को ‘लो सोडियम सॉल्ट’ इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है। ये क्या बला है? अरे, इसमें नमक का कुछ हिस्सा पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे ‘हेल्दी मिनरल्स’ से रिप्लेस कर दिया जाता है। डॉ. शेरोन मुरली जी कहती हैं कि ये लो सोडियम सॉल्ट बीपी को 7/4 mmHg तक कम कर सकता है। वाह! इतना फायदा तो शायद सुबह की योगा क्लास में भी न मिले!

पंजाब-तेलंगाना में नमक का ‘महायुद्ध’

ICMR ने पंजाब और तेलंगाना में तीन साल का एक प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसमें लोगों को नमक कम खाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। लक्ष्य है कि लोग अपनी चाय में चीनी की तरह नमक भी गिन-गिनकर डालें। अब ये तो देखना है कि पंजाबी पराठे और तेलंगाना की बिरयानी में नमक कम करने की हिम्मत कितने लोग जुटा पाते हैं! वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर सही जानकारी दी जाए, तो लोग नमक कम कर सकते हैं और बीपी को कंट्रोल में रख सकते हैं। लेकिन भाई, जब बात चटपटे समोसे की हो, तो कौन गिनता है नमक के दाने?

नमक कम, मजा कम?

तो , अगली बार जब आप चिप्स का पैकेट खोलें या दाल में नमक डालें, तो जरा सोचिए कि कहीं आप ‘साइलेंट सॉल्ट एपिडेमिक’ का शिकार तो नहीं बन रहे? लो सोडियम सॉल्ट अपनाइए, बीपी कंट्रोल कीजिए, और हेल्थ को थोड़ा प्यार दीजिए। वरना ये छोटा-सा नमक का दाना आपके दिल को ऐसा तड़का लगाएगा कि डॉक्टर भी कहेंगे, “अब तो बस लो सोडियम जिंदगी जियो!”

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