NTI, श्रीनगर: पौड़ी गढ़वाल जिले में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला प्रशासन ने अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ एक सघन अभियान चलाया है, जिसके तहत कई स्थलों पर जांच की गई और कड़ी कार्रवाई की गई। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशानुसार तहसील प्रशासन श्रीनगर और जिला खान अधिकारी की संयुक्त टीम ने इस अभियान को अंजाम दिया है।
जिला खान अधिकारी राहुल नेगी ने बताया कि श्रीनगर क्षेत्र में स्वीकृत 02 हेक्टेयर चुगान लॉट में तय सीमा से बाहर खनन किए जाने के मामले में संबंधित पट्टाधारक की ई-खनन पोर्टल आईडी तत्काल प्रभाव से बंद कर दी गई है। इसके अलावा, इस अनियमितता के चलते पट्टाधारक पर ₹6.32 करोड़ की देयता भी निर्धारित की गई है। यह कदम अवैध खनन को रोकने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
चमसैरा और श्रीकोट स्थित रिटेल भंडारण स्थलों पर भी जांच के दौरान कई अनियमितताएं पाई गईं। 1761.62 टन उपखनिज के सापेक्ष मौके पर कोई भंडारण नहीं मिला, साथ ही अनिवार्य सुविधाओं का भी अभाव था। इस पर संबंधित भंडारणकर्ता की ई-खनन पोर्टल आईडी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई और नोटिस जारी किया गया है।
23 फरवरी को कंडोली और गहड़ स्थित स्टोन क्रेशर प्लांट्स का निरीक्षण किया गया। इन प्लांट्स में ई-खनन पोर्टल पर दर्ज मात्रा से अधिक उपखनिज भंडारण पाया गया। इस पर दोनों क्रेशर की ई-खनन पोर्टल आईडी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई और संबंधित पक्षों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
श्रीकोट गंगानाली में रेलवे के पैकेज नंबर-6 अंतर्गत संचालित रेडमिक्स प्लांट की अनुमति समाप्त होने के बावजूद इसे संचालित किया जा रहा था। इस पर प्लांट को मौके पर सीज कर दिया गया और रेलवे को नोटिस जारी किया गया। यह कदम नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है।
जिला खान अधिकारी राहुल नेगी ने कहा कि ये मामले उत्तराखंड खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) नियमावली, 2021 एवं संशोधित नियमावली, 2024 का उल्लंघन हैं। जिला प्रशासन अवैध खनन के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखेगा। उन्होंने यह भी कहा कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने और पर्यावरण को हो रहे नुकसान को रोकने के लिए ऐसे अभियान निरंतर चलाए जाएंगे।
पौड़ी गढ़वाल जिले में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यह कदम न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सुनिश्चित करता है कि खनिज संसाधनों का दोहन नियमों के अनुसार हो। प्रशासन की यह पहल अन्य जिलों के लिए भी एक मिसाल कायम करती है कि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कदम उठाना आवश्यक है।