उत्तराखंड की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और किच्छा कोतवाली पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। दोनों टीमों ने मिलकर 152.39 ग्राम स्मैक के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है, जिसकी बाजार में कीमत लगभग 8 लाख रुपये आंकी गई है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, एसटीएफ की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति किच्छा क्षेत्र में स्मैक की तस्करी करने वाला है। इस सूचना के आधार पर एएनटीएफ और किच्छा कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने लालपुर क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से 152.39 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम संतोख सिंह बताया, जो लालपुर के गुरुद्वारे के पास रहता है। उसने खुलासा किया कि वह बरेली से स्मैक की खेप लाकर जिले में ऊंचे दामों पर बेचता था।
एसटीएफ की सख्त कार्रवाई और जनता से अपील वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसटीएफ) नवनीत भुल्लर ने बताया कि स्मैक तस्करी के खिलाफ यह एक महत्वपूर्ण कार्रवाई है। उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, उन्होंने जनता से अपील की कि वे नशे से दूर रहें और किसी भी लालच में आकर नशा तस्करी जैसे अपराध में शामिल न हों। नशा तस्करी की सूचना देने के लिए निकटतम पुलिस स्टेशन या उत्तराखंड एसटीएफ से संपर्क करने को कहा।
एएनटीएफ की 2025 में बड़ी उपलब्धियां गौरतलब है कि एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) कुमाऊं यूनिट ने जनवरी 2025 से अब तक नशा तस्करी के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। इस दौरान:
- 11 किलो 981 ग्राम चरस बरामद, जिसकी कीमत 5 लाख रुपये प्रति किलो है।
- 1 किलो 356 ग्राम स्मैक/हेरोइन बरामद, जिसकी कीमत 3 करोड़ रुपये प्रति किलो है।
- 7 ग्राम 41 मिलीग्राम एमडीएमए बरामद।
- 2 किलो 513 ग्राम अफीम बरामद, जिसकी कीमत 3 लाख रुपये प्रति किलो है।
उत्तराखंड पुलिस और एसटीएफ नशा तस्करी के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज करने के लिए प्रतिबद्ध है।

