नई दिल्ली: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के मार्गदर्शन में राज्य ने पर्यटन क्षेत्र को नए आयाम देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। देश में पहली बार किसी राज्य द्वारा पर्यटन को संगठित, समन्वित और बहु-शहरी अभियान के रूप में पेश किया जा रहा है। इसी क्रम में उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने दिल्ली से पैन-इंडिया एकीकृत रोड शो की शुरुआत की, जिसमें उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर के 250 से अधिक उद्योग हितधारकों ने भाग लिया। यह अभियान आने वाले महीनों में देश के प्रमुख महानगरों में जारी रहेगा।
यह राष्ट्रीय अभियान मुख्यमंत्री धामी और पर्यटन मंत्री महाराज के नेतृत्व में शुरू किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड को 365 दिनों का पर्यटन गंतव्य बनाना है। रोड शो की रणनीति पर प्रकाश डालते हुए आयोजकों ने बताया कि इसका केंद्रीय लक्ष्य दिल्ली-एनसीआर के ट्रैवल ट्रेड और पर्यटन उद्योग को राज्य के एडवेंचर, विंटर, वेलनेस, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक तथा अनुभवात्मक पर्यटन उत्पादों से जोड़ना है। साथ ही, उत्तराखंड को भविष्य का वेडिंग डेस्टिनेशन, स्पिरिचुअल मेगा सर्किट और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन गेटवे के रूप में विकसित करने की योजनाओं पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत संबोधन से हुई, जिसके बाद पर्यटन मंत्री महाराज ने राज्य की व्यापक पर्यटन नीति, नई संभावनाओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड को स्थापित करने की प्रतिबद्धता साझा की। इसके बाद अपर सचिव अभिषेक रुहेला ने राज्य की पर्यटन दृष्टि और भविष्य के अवसरों पर, विशाल मिश्रा ने जीएमवीएन की योजनाओं पर तथा विनीत तोमर ने केएमवीएन की भावी रणनीतियों पर प्रभावी प्रस्तुतियां दीं।
रोड शो में उद्योग जगत के प्रमुख विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे। पद्मश्री अजीत बजाज ने उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म के भविष्य पर, तरुण थियो ने स्नो लेपर्ड साइटिंग के विभिन्न पहलुओं पर, करण ने विंटर एडवेंचर टूरिज्म की उभरती संभावनाओं पर तथा अभिषेक अहलूवालिया ने हॉस्पिटैलिटी, होटल और होमस्टे नेटवर्क की बढ़ती क्षमताओं पर प्रकाश डाला। इन वक्ताओं ने उत्तराखंड को भारत का सबसे सुरक्षित, रोमांचक और सुव्यवस्थित एडवेंचर व छुट्टी गंतव्य बताया।
कार्यक्रम में बी2बी संवाद, प्रश्नोत्तर सत्र, नेटवर्किंग लंच और वन-टू-वन बिजनेस मीटिंग्स का आयोजन किया गया, जिसमें दिल्ली-एनसीआर के टूर ऑपरेटरों, ट्रैवल एजेंसियों, होटल समूहों और एडवेंचर संस्थानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उद्योग ने उत्तराखंड को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अगली बड़ी सफलता की कहानी के रूप में देखा।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा, “यह रोड शो श्रृंखला राज्य में पर्यटन निवेश, उद्योग सहयोग और पर्यटन आगमन को कई गुना बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। देश के अनेक शहरों में इसी प्रकार की सहभागिता आधारित गतिविधियां आयोजित होंगी। हमारी प्राथमिकता उत्तराखंड को शीतकालीन पर्यटन का राष्ट्रीय केंद्र बनाना है, जहां पर्यटक स्कीइंग, स्नो ट्रैकिंग और विंटर फेस्टिवल्स का आनंद ले सकें। हम जोशीमठ, औली और पांडुकेश्वर जैसे स्थलों को विंटर चारधाम व सनशाइन टूरिज्म के रूप में विकसित कर रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को वर्ष भर दर्शन और आध्यात्मिक अनुभूति मिल सके। धारचूला से नेलांग घाटी तक स्नो लेपर्ड साइटिंग और नीति घाटी में अल्ट्रा रन जैसे कार्यक्रम उत्तराखंड को विश्व पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान देंगे। हम पर्यटन क्षेत्र के साझेदारों—टूर ऑपरेटर, होटल और एडवेंचर विशेषज्ञों—के साथ मिलकर नए उत्पाद, नए पैकेज और नई संभावनाएं विकसित करेंगे। हमारा उद्देश्य स्पष्ट है—उत्तराखंड को ‘हर मौसम, हर यात्री के लिए’ भारत का प्रमुख पर्यटन राज्य बनाना।”
पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा, “यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड को भारत की पर्यटन राजधानी बनाने के संकल्प तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राज्य को साल भर का गंतव्य बनाने के विजन को जमीन पर उतारने का निर्णायक कदम है। दिल्ली रोड शो ने न सिर्फ पर्यटन समुदाय को उत्साहित किया, बल्कि यह प्रमाणित किया कि उत्तराखंड अब भारत का उभरता हुआ सबसे गतिशील, सुरक्षित, विविध और निवेश-सक्षम पर्यटन राज्य है।”
कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव पर्यटन अभिषेक रुहेला, गढ़वाल मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक विशाल मिश्रा, कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक विनीत तोमर सहित कई विभागीय अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि और प्रमुख टूर व ट्रैवल ऑपरेटर मौजूद थे। यह रोड शो उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार करेगा और राज्य को वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगा।

