आज की तारीख में भारत में टैक्स का ऐसा जाल बिछा है कि हर कदम पर आप कर चुकाने को मजबूर हैं। मान लीजिए, आप एक मेहनती डॉक्टर, शिक्षक या बिजनेसमैन हैं। आपने अपनी कमाई पर इनकम टैक्स दे दिया। उस पैसे से आप किसी को फीस देते हैं, तो उस पर भी टैक्स। फिर वह पैसा किसी और के पास जाता है, और उस पर भी टैक्स। कपड़ा खरीदें, तो जीएसटी। गाड़ी खरीदें, तो टैक्स। आटा, चावल, दाल खरीदें, तब भी टैक्स। यह सिलसिला यहीं नहीं रुकता—रोड टैक्स, टोल टैक्स, वैट, टीडीएस, और न जाने कितने नामों से वसूली होती है। यह एक ऐसी व्यवस्था है, जो न सिर्फ जटिल है, बल्कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है। इनकम टैक्स और जीएसटी जैसे विभाग, जो GDP में कोई योगदान नहीं देते, केवल वसूली का काम करते हैं, और इनके रखरखाव पर ही हजारों करोड़ रुपये खर्च हो जाते हैं।
इस टैक्स के मकड़जाल से छुटकारा पाने का एकमात्र रास्ता है—वन नेशन, वन टैक्स। इस व्यवस्था में सभी जटिल करों को खत्म कर केवल 2% बैंकिंग ट्रांजैक्शन टैक्स (BTT) लागू किया जाए। यह टैक्स केवल ₹5000 से अधिक के ऑनलाइन लेनदेन पर लागू होगा। यानी, ₹100 का सामान खरीदा, तो ₹102 देना होगा। ₹1 लाख का सामान लिया, तो ₹1,02,000। इससे ज्यादा कुछ नहीं। न इनकम टैक्स, न जीएसटी, न रोड टैक्स, न टोल टैक्स, न वैट, न टीडीएस—कुछ नहीं। इसके लिए तीन कदम जरूरी हैं:
- ₹100 से बड़े नोट बंद करें: आज भारत में 250 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते, UPI, Paytm, डेबिट-क्रेडिट कार्ड और अन्य डिजिटल लेनदेन के साधन उपलब्ध हैं, जबकि जनसंख्या 150 करोड़ से कम है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 80% लोग प्रतिदिन ₹100 से कम खर्च करते हैं, और बाकी 20% के पास डिजिटल पेमेंट के साधन हैं। ऐसे में बड़े नोटों की जरूरत ही नहीं।
- ₹5000 से अधिक के कैश लेनदेन पर रोक: महंगे सामान का लेनदेन केवल डिजिटल तरीके से हो, जिससे काले धन का कारोबार, हवाला, और भ्रष्टाचार पर लगाम लगे।
- प्रॉपर्टी को आधार से जोड़ें: सभी संपत्तियों को आधार से लिंक करने से टैक्स चोरी और काले धन का खेल खत्म हो जाएगा।
वन नेशन, वन टैक्स के फायदे
यह व्यवस्था लागू होने से न सिर्फ टैक्स सिस्टम सरल होगा, बल्कि कई सामाजिक और आर्थिक समस्याएं भी खत्म हो जाएंगी:
- भ्रष्टाचार पर लगाम: जब बड़े नोट और कैश लेनदेन बंद होंगे, तो घूसखोरी, कमीशनखोरी, और हवाला जैसे काले कारोबार खत्म हो जाएंगे।
- अपराध में कमी: गौ तस्करी, ड्रग तस्करी, हथियारों का कारोबार, मानव तस्करी, और जासूसी जैसे अपराध, जो कैश और काले धन पर टिके हैं, स्वतः समाप्त हो जाएंगे।
- सामाजिक बुराइयों का अंत: जातिवाद, भाषावाद, क्षेत्रवाद, और धर्मांतरण जैसे मुद्दे, जो अक्सर पैसे और सत्ता के लिए भड़काए जाते हैं, कम हो जाएंगे।
- आर्थिक विकास: सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में दुनिया का सबसे ज्यादा UPI लेनदेन होता है। डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देकर और टैक्स सिस्टम को सरल करके GDP में 2% की बढ़ोतरी संभव है।
- सरकार की आय दोगुनी: यह सिस्टम न केवल जनता का टेंशन खत्म करेगा, बल्कि सरकार की आय को दोगुना करेगा, क्योंकि हर लेनदेन पारदर्शी होगा।
पायलट प्रोजेक्ट की जरूरत
इस क्रांतिकारी बदलाव को लागू करने से पहले इसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु जैसे मेट्रो शहरों या राज्यों की राजधानियों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर आजमाया जा सकता है। छह महीने में परिणाम सामने होंगे। यह न केवल व्यापारियों और मध्यम वर्ग को राहत देगा, बल्कि भारत को भ्रष्टाचार, अपराध, और काले धन से मुक्त करेगा।
वन नेशन, वन टैक्स लागू होने से न केवल टैक्स का बोझ कम होगा, बल्कि देश में पारदर्शिता, समानता, और समृद्धि का नया युग शुरू होगा। यह व्यवस्था लागू हो जाए, तो भारत न सिर्फ 2047 तक, बल्कि अगले 10 साल में ही विकसित राष्ट्र बन सकता है। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि हम सब मिलकर इस टैक्स के मकड़जाल के खिलाफ आवाज उठाएं।

