नैनीताल : कुमाऊं क्षेत्र की सबसे बड़ी गौला और नंधौर नदियों में खनन सत्र की अवधि को सरकार ने 31 मई के स्थान पर 19 जून तक बढ़ा दिया है। यह निर्णय इस साल खनन से होने वाले राजस्व लक्ष्य के पूरा न हो पाने और स्थानीय लोगों की मांग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इस कदम से खनन से जुड़े हजारों मजदूरों, कारोबारियों और ठेकेदारों को राहत मिली है, साथ ही सरकार को करोड़ों रुपये के अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होने की उम्मीद है।
लक्ष्य से पिछड़ा था खनन कार्य
गौला और नंधौर नदियों में हर साल 31 मई तक उपखनिज (माइनर मिनरल्स) का खनन होता है, जिसके बाद मानसून सत्र के लिए इसे रोक दिया जाता है। इस बार खनन कार्य देरी से शुरू होने और खनन कारोबारियों की हड़ताल के चलते सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। आंकड़ों के मुताबिक, गौला नदी से इस साल 39 लाख घन मीटर उपखनिज निकालने का लक्ष्य था, लेकिन अब तक केवल 30 लाख 12 हज़ार घन मीटर ही निकाला जा सका है। इससे सरकार को 98 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, जबकि लक्ष्य 130 करोड़ रुपये से अधिक था। वहीं, नंधौर नदी से 6.38 लाख घन मीटर के लक्ष्य के मुकाबले अभी तक 3.80 लाख घन मीटर उपखनिज ही निकाला गया है, जिससे 10.66 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई।
मौसम और प्रशासनिक बैठकों के बाद लिया गया फैसला
डीएलएलएम वन विकास निगम के अधिकारी धीरेश बिष्ट ने बताया कि मौसम विभाग और प्रशासनिक स्तर पर हुई बैठकों के बाद खनन अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा, “इस बार खनन कार्य नवंबर में शुरू हुआ, जबकि आमतौर पर यह अक्टूबर से शुरू हो जाता है। इस देरी और हड़ताल के कारण लक्ष्य प्रभावित हुआ। 19 जून तक अतिरिक्त समय मिलने से सरकार को 40-50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है।”
रोजगार और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
गौला नदी में खनन से सीधे तौर पर 20 हज़ार मजदूर, 7 हज़ार वाहन और 2 हज़ार घोड़ा बग्गी जुड़े हैं। अवधि बढ़ने से इन सभी को अगले 19 दिनों तक काम मिलने की उम्मीद है। स्थानीय खनन ठेकेदार राजेश नेगी ने कहा, “यह फैसला हमारे लिए वरदान है। मानसून से पहले अतिरिक्त कार्य दिनों से हमारी आय बढ़ेगी।”
प्रशासन का कहना है कि नदियों के पर्यावरणीय संतुलन का ध्यान रखते हुए 19 जून के बाद खनन रोक दिया जाएगा। इसके साथ ही, मानसून के दौरान नदियों के प्रवाह और जलस्तर पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। सरकार के इस कदम से एक तरफ जहां राजस्व बढ़ेगा, वहीं स्थानीय अर्थव्यवस्था भी गति पकड़ेगी।

