NTI (कच्छ): गुजरात के कच्छ जिले में स्थित मधापर गांव को एशिया का सबसे अमीर गांव माना जाता है। लगभग 32,000 की आबादी वाला यह गांव अपनी आर्थिक समृद्धि के लिए प्रसिद्ध है, जहां निवासियों ने बैंकों में 7,000 करोड़ रुपये की सावधि जमा (फिक्स्ड डिपॉजिट) कर रखी है। यह छोटा सा गांव भुज के बाहरी इलाके में स्थित है और यहां की वित्तीय स्थिति किसी भी विकसित शहर से कम नहीं है।
मधापर की इस समृद्धि का मुख्य कारण गैर-निवासी भारतीय (एनआरआई) हैं, जो विदेशों में रहते हुए भी अपने गांव से गहरा जुड़ाव रखते हैं। गांव में 17 बैंक शाखाएं मौजूद हैं, जिनमें एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इन बैंकों में जमा राशि का बड़ा हिस्सा एनआरआई द्वारा भेजा जाता है, जो अफ्रीका, ब्रिटेन, अमेरिका और अन्य देशों में बसे हैं।
यहां की आबादी में अधिकांश पटेल समुदाय के लोग हैं, जिन्होंने कड़ी मेहनत और वित्तीय समझदारी से गांव को इस मुकाम तक पहुंचाया है। मधापर में न केवल बैंकिंग सुविधाएं मजबूत हैं, बल्कि गांव में अच्छी सड़कें, स्वच्छ पानी, स्कूल, पार्क और मंदिर जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। यह गांव ग्रामीण भारत के लिए एक मिसाल है कि वैश्विक जुड़ाव और सही आर्थिक रणनीति से समृद्धि हासिल की जा सकती है।
मधापर की यह कहानी न केवल गुजरात बल्कि पूरे एशिया में चर्चा का विषय बनी हुई है, जो यह दर्शाती है कि छोटे से गांव भी बड़ी आर्थिक शक्ति बन सकते हैं।

