Saturday, February 7, 2026
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IPS अफसर की कॉल, आतंकी संगठन का डर… महाराष्ट्र में लूटे 78 लाख !

वाह रे साइबर ठग! महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में तो कमाल ही हो गया! 77 साल के रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी एकनाथ जोशी, जो शायद सुबह चाय पीते हुए अखबार पढ़ते होंगे, उनसे साइबर जालसाजों ने 78.6 लाख रुपए ठग लिए। अब ये तो वही बात हुई कि बेचारे अंकल जी को रिटायरमेंट का मजा लेने की बजाय ठगों ने “आतंकी सस्पेंस थ्रिलर” का हीरो बना दिया!

फर्जी IPS और आतंकी ड्रामा

2 जुलाई को एकनाथ जी के पास एक कॉल आया। कॉलर ने बड़े रौब से कहा, “मैं पुलिस अधिकारी बोल रहा हूँ!” और फिर शुरू हुआ ड्रामा। बताया गया कि उनकी पत्नी के बैंक खाते में किसी आतंकी संगठन ने 20 लाख रुपए डाल दिए हैं। अरे भाई, आतंकी भी अब ऑनलाइन ट्रांसफर करते हैं क्या? और तो और, धमकी दी कि अब तो गिरफ्तारी पक्की है, और संपत्ति भी जब्त हो जाएगी। अब बेचारे एकनाथ जी तो डर गए, क्योंकि कौन चाहता है कि रिटायरमेंट की सैर-सपाटा जेल की सैर में बदल जाए?

“IPS साहब” की मदद का ड्रामा

फिर आया दूसरा कॉल, और इस बार कॉलर ने खुद को IPS अधिकारी बताया। बोला, “मैं महाराष्ट्र का हूँ, आपकी मदद करूँगा।” अब ये तो वही बात हुई कि ठग ने खुद को सलमान खान स्टाइल में रॉबिनहुड बताकर दिल जीत लिया! 4 जुलाई को फिर कॉल आया, और कहा गया कि बस कुछ पैसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दो, ये तो “औपचारिकता” है। पैसे वापस मिल जाएँगे, भरोसा रखो! एकनाथ जी ने सोचा, “चलो, IPS साहब तो झूठ नहीं बोलेंगे,” और 78.6 लाख रुपए ठगों के खाते में डाल दिए। वाह, क्या भरोसा है!

जब खुला ठगी का राज

कुछ दिन बाद जब न पैसे वापस आए, न ठगों का फोन, तब एकनाथ जी को शक हुआ। रिश्तेदारों को बताया, और फिर मामला पुलिस तक पहुँचा। अब क्रांति चौक पुलिस स्टेशन में IPC और IT एक्ट के तहत केस दर्ज हो गया है। पुलिस बैंक डिटेल्स और कॉल रिकॉर्ड्स खंगाल रही है, लेकिन ठग तो शायद अब मालदीव में छुट्टियाँ मना रहे होंगे!

 साइबर ठगी का नया दौर

साइबर ठगी के मामले तो अब ऐसे बढ़ रहे हैं जैसे OTT पर क्राइम थ्रिलर सीरीज! एकनाथ जी की कहानी से सीख लीजिए, अगर कोई “IPS साहब” बनकर कॉल करे और आतंकी संगठन का डर दिखाए, तो पहले उससे Aadhaar नंबर माँग लें! और हाँ, अगली बार कोई “औपचारिकता” के नाम पर पैसे माँगे, तो उसे बोलिए, “भाई, पहले मेरे पैसे लौटा, फिर औपचारिकता करेंगे!”

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