देहरादून: शहर की मुख्य सड़कों पर बिजली के खंभों को अब अवैध विज्ञापनों से मुक्त किया जा रहा है, जिससे हादसों का खतरा काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। ऊर्जा निगम और नगर निगम ने मिलकर इस समस्या पर ध्यान दिया है और तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। बरसात के मौसम में तेज हवाओं और आंधी-तूफान से गिरने वाले बैनर व बोर्डों से होने वाले जोखिम को देखते हुए, जिम्मेदार विभाग अब सक्रिय हो गए हैं।
स्थानीय निवासियों की शिकायतों पर ध्यान देते हुए, प्रशासन ने बिजली के खंभों पर लगे सभी अवैध विज्ञापनों को हटाने का अभियान चलाया है। जन्मदिन की बधाई, आयोजनों की जानकारी, त्योहारों के ऑफर और शिक्षा संबंधी विज्ञापनों को अब वैध स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने बताया कि विद्युत अधिनियम के तहत खंभों पर प्रचार सामग्री लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित है, और अब इस नियम का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। इससे न केवल सड़क पर चलने वाले राहगीरों को राहत मिलेगी, बल्कि बिजली कर्मचारियों को भी मरम्मत कार्य में आसानी होगी।
शहर के मुख्य बाजारों और गलियों में लगे खंभों से बोर्ड, बैनर और फ्लैक्स हटाए जा रहे हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि बिना अनुमति के सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा और केस दर्ज किया जाएगा। कई स्थानों पर पहले से ही ऐसे विज्ञापनों को हटाया गया है, जिससे सड़कें साफ-सुथरी और सुरक्षित दिख रही हैं। बिजली के तारों में स्पार्किंग या आग लगने के खतरे को भी कम करने के लिए विशेष टीम गठित की गई है।
स्थानीय लोगों ने इस कदम की सराहना की है और कहा कि अब सड़कों पर आवागमन सुगम होगा। ऊर्जा निगम और नगर निगम के इस संयुक्त प्रयास से शहर में सुरक्षा का स्तर बढ़ेगा और फ्री प्रचार के गलत तरीकों पर रोक लगेगी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि यह अभियान लगातार चलेगा, ताकि देहरादून की सड़कें हमेशा सुरक्षित रहें।

