Sunday, February 8, 2026
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उत्तराखंड का नया भू कानून: बाहरी लोगों की भूमि खरीद पर प्रतिबंध

NTI: उत्तराखंड सरकार ने राज्य में भूमि खरीद-बिक्री और उपयोग से जुड़े नए भू कानून को लागू कर दिया है। इस कानून के तहत 2018 में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार द्वारा लागू किए गए सभी प्रावधानों को निरस्त कर दिया गया है। नए कानून का उद्देश्य बाहरी लोगों द्वारा अंधाधुंध भूमि खरीद पर रोक लगाना, पहाड़ी क्षेत्रों में भूमि का बेहतर प्रबंधन करना और राज्य के मूल निवासियों को लाभ पहुंचाना है।

नए भू कानून के प्रमुख प्रावधान

  1. बाहरी व्यक्तियों की भूमि खरीद पर प्रतिबंध
    हरिद्वार और उधम सिंह नगर को छोड़कर, उत्तराखंड के 11 अन्य जिलों में राज्य के बाहर के व्यक्ति हॉर्टिकल्चर और एग्रीकल्चर की भूमि नहीं खरीद पाएंगे। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में बाहरी लोगों द्वारा भूमि की अंधाधुंध खरीद पर रोक लगेगी।
  2. पहाड़ों में चकबंदी और बंदोबस्ती
    पहाड़ी इलाकों में भूमि का सही उपयोग सुनिश्चित करने और अतिक्रमण रोकने के लिए चकबंदी और बंदोबस्ती की जाएगी। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में भूमि का बेहतर प्रबंधन होगा और राज्य के निवासियों को अधिक लाभ मिलेगा।
  3. जिलाधिकारियों के अधिकार सीमित
    अब जिलाधिकारी व्यक्तिगत रूप से भूमि खरीद की अनुमति नहीं दे पाएंगे। सभी मामलों में सरकार द्वारा बनाए गए पोर्टल के माध्यम से प्रक्रिया होगी।
  4. ऑनलाइन पोर्टल से होगी भूमि खरीद की निगरानी
    प्रदेश में जमीन खरीद के लिए एक पोर्टल बनाया जाएगा, जहां राज्य के बाहर के किसी भी व्यक्ति द्वारा की गई जमीन खरीद को दर्ज किया जाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अनियमितताओं पर रोक लगेगी।
  5. शपथ पत्र होगा अनिवार्य
    राज्य के बाहर के लोगों को जमीन खरीदने के लिए शपथ पत्र देना अनिवार्य होगा। इससे फर्जीवाड़ा और अनियमितताओं को रोका जा सकेगा।
  6. नियमित रूप से भूमि खरीद की रिपोर्टिंग
    सभी जिलाधिकारियों को राजस्व परिषद और शासन को नियमित रूप से भूमि खरीद से जुड़ी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
  7. नगर निकाय सीमा के भीतर तय भू उपयोग
    नगर निकाय सीमा के अंतर्गत आने वाली भूमि का उपयोग केवल निर्धारित भू उपयोग के अनुसार ही किया जा सकेगा। यदि किसी व्यक्ति ने नियमों के खिलाफ जमीन का उपयोग किया, तो वह जमीन सरकार में निहित हो जाएगी।

नए कानून का प्रभाव

  • इस कानून से उत्तराखंड में बाहरी लोगों द्वारा अंधाधुंध भूमि खरीद पर रोक लगेगी।
  • पहाड़ी क्षेत्रों में भूमि का बेहतर प्रबंधन होगा, जिससे राज्य के निवासियों को अधिक लाभ मिलेगा।
  • भूमि की कीमतों में अप्राकृतिक बढ़ोतरी पर नियंत्रण रहेगा और राज्य के मूल निवासियों को भूमि खरीदने में सहूलियत होगी।
  • सरकार को भूमि खरीद-बिक्री पर अधिक नियंत्रण प्राप्त होगा, जिससे अनियमितताओं पर रोक लगेगी।

नए भू कानून के माध्यम से उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य राज्य के प्राकृतिक संसाधनों और भूमि को संरक्षित करना है, साथ ही राज्य के मूल निवासियों के हितों की रक्षा करना है। इस कानून के लागू होने के बाद राज्य में भूमि खरीद-बिक्री से जुड़ी प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी और नियंत्रित होंगी।

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