Sunday, February 8, 2026
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बचत केंद्र का कारनामा, जनता की बचत के 1.15 करोड़ गबन !

चमोली जिले के पोखरी विकासखंड से एक ‘सनसनीखेज’ खबर आई है, जिसे सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे (या शायद नहीं, क्योंकि ऐसे घोटाले अब आम बात हो गए हैं)। खुलासा हुआ है कि ग्रामीण बचत केंद्र, मसौली में सालों से सरकारी धन का ‘सफलतापूर्वक’ गबन किया जा रहा था। जी हाँ, 2017 से 2023 के बीच, यह ‘बचत’ केंद्र असल में ‘गाढ़ी कमाई गायब’ करने का केंद्र बना हुआ था।

पुलिस ने बड़ी मेहनत से 962 खातों की छानबीन की और क्या पाया? 162 खातों में फर्जी दस्तावेज, नकली हस्ताक्षर और अवैध निकासी की ‘पुष्टि’ हुई! कमाल की बात यह है कि इनमें से ज़्यादातर खाताधारकों को तो पता ही नहीं था कि उनके खातों से पैसे ‘हवा’ हो चुके हैं। पुलिस टीम ने गाँव-गाँव जाकर ‘खास’ कैंप लगाए और 110 खाताधारकों के बयान दर्ज किए, जिससे यह ‘स्पष्ट’ हो गया कि निकासी उनके ‘संज्ञान’ में नहीं थी। यानी, लोगों के पैसे उड़ गए और उन्हें भनक तक नहीं लगी!

जांच में यह भी सामने आया कि ₹1.15 करोड़ से ज़्यादा की धनराशि तो बैंक में कभी जमा ही नहीं की गई! वाह! क्या यह बचत केंद्र किसी ‘जादुई तिजोरी’ की तरह काम करता था, जहाँ पैसे हवा में ही गायब हो जाते थे? और तो और, ₹12.50 लाख की अतिरिक्त निकासी भी की गई थी! यह तो ‘आम के आम, गुठलियों के दाम’ वाली बात हो गई। जाहिर है, मामला इतना ‘गंभीर’ था कि 13 जनवरी 2025 को सहायक विकास अधिकारी  राजन कुमार को थाना पोखरी में शिकायत दर्ज करानी पड़ी।

शिकायत के आधार पर ग्राम नौटी निवासी मोहनलाल (63 वर्ष), जो ‘पूर्व सचिव’ रह चुके हैं, और ग्राम नौली निवासी अमित सिंह नेगी (30 वर्ष), जो ‘लेखा सहायक’ हैं, पर ₹76,48,559 के ‘महान’ गबन का आरोप लगा है। इन दोनों ‘प्रतिभाशाली’ व्यक्तियों के खिलाफ IPC की धारा 406, 408, 409, 420, 467, 468, 471 और 120B के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने इन दोनों को 15 जुलाई 2025 को गिरफ्तार भी कर लिया। अब देखिए, कितने बड़े ‘समाजसेवक’ निकले!

चमोली पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार के निर्देश पर, पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग अमित सैनी के नेतृत्व में एक ‘विशेष जांच टीम’ गठित की गई, जिसमें कई ‘जाँबाज’ अधिकारी शामिल रहे।

एसपी चमोली सर्वेश पंवार ने सख्त लहज़े में कहा, “जनता की गाढ़ी कमाई और सरकारी धन के दुरुपयोग को चमोली पुलिस किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। दोषी चाहे किसी भी पद पर हों, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।” वाह-वाह! ऐसे ‘कड़क’ बयान सुनकर तो मन प्रसन्न हो जाता है! बस उम्मीद यही है कि यह ‘सख्ती’ सिर्फ बयानों तक सीमित न रहे और असली दोषियों तक भी पहुँचे।

फिलहाल, सहकारी समिति से जुड़े अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। देखते हैं, और कितने ‘हीरो’ सामने आते हैं। तब तक के लिए, अपनी बचत को ‘सुरक्षित’ रखने के लिए प्रार्थना करते रहिए!

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