हरिद्वार : उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज एक बार फिर सुर्खियों में है। शुरू होने के बाद से ही विवादों और विरोध प्रदर्शनों का केंद्र बने इस कॉलेज में अब सरकार ने बड़ी राहत दी है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने घोषणा की है कि कॉलेज का 10 करोड़ रुपये का बकाया बिजली बिल जमा कर दिया गया है, बिजली कनेक्शन बहाल हो गया है और अगले पांच महीनों में यहां पूर्ण रूप से अस्पताल भी शुरू हो जाएगा।
नवंबर की शुरुआत में विद्युत विभाग ने करीब 10 करोड़ रुपये के बकाया बिल के कारण मेडिकल कॉलेज का बिजली कनेक्शन काट दिया था। इससे एमबीबीएस छात्रों की पढ़ाई और हॉस्टल जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। नाराज छात्रों ने धरना-प्रदर्शन किया और कॉलेज प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
इस मामले पर सफाई देते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा, “कॉलेज का विद्युत कनेक्शन अभी तक कार्यदाई संस्था के नाम पर था। अब इसे मेडिकल कॉलेज के नाम पर ट्रांसफर करा लिया गया है। बकाया 10 करोड़ रुपये का बिल भी सरकार ने जमा कर दिया है। अब छात्रों को किसी तरह की असुविधा नहीं होगी।”
मंत्री ने बताया कि मेडिकल कॉलेज का अभी लगभग 20 प्रतिशत निर्माण कार्य शेष है। इसके बावजूद सरकार ने इसे जल्द शुरू करने का फैसला लिया था ताकि अगले साल तक अस्पताल सहित पूरी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा, “हमने जानबूझकर कॉलेज को समय से पहले शुरू किया, ताकि नीट पास करने वाले उत्तराखंड के छात्रों को जल्दी मौका मिले और अगले सत्र तक अस्पताल भी चालू हो जाए।”
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार पूरे प्रदेश में डॉक्टरों की भर्ती कर रही है। हरिद्वार मेडिकल कॉलेज के लिए 287 डॉक्टरों का अधियाचन स्वास्थ्य विभाग ने भेज दिया है। डॉक्टरों की नियुक्ति होते ही ओपीडी, वार्ड और इमरजेंसी सेवाएं सुचारु रूप से शुरू हो जाएंगी।
वर्तमान में कॉलेज में एमबीबीएस की 100-100 सीटों वाले दो बैच चल रहे हैं – 2024 बैच और 2025 बैच। कुल मिलाकर करीब 200 छात्र यहां नीट की कठिन परीक्षा पास करके पढ़ाई कर रहे हैं। पिछले साल जब कॉलेज को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड में चलाने की चर्चा हुई थी, तब पहले बैच के छात्रों ने इसका जमकर विरोध किया था। इस बार बिजली कनेक्शन कटने पर दूसरे बैच के छात्र सड़क पर उतरे।
स्वास्थ्य मंत्री ने भरोसा दिलाया कि अप्रैल-मई 2026 तक मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल पूरी तरह शुरू हो जाएगा। अस्पताल में इमरजेंसी को छोड़कर 80 प्रतिशत बेड हरिद्वार और आसपास के जिलों के मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर मिलेंगे। इससे रेफरल केस कम होंगे और स्थानीय लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत ने कहा, “हमारी सरकार पूरे उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हरिद्वार मेडिकल कॉलेज बहुत जल्द एक आदर्श संस्थान बनेगा।”
छात्रों ने भी बिजली बहाल होने के बाद राहत की सांस ली है, लेकिन वे अस्पताल शुरू होने और सभी सुविधाएं पूरी तरह चालू होने का इंतजार कर रहे हैं।

