देहरादून: राजधानी देहरादून के एक निजी मॉल में 6 सितंबर को प्रस्तावित ‘बैंड बाजा बारात’ थीम पर आधारित फेक वेडिंग इवेंट ने विवाद खड़ा कर दिया है। इस आयोजन को लेकर हिंदू संगठनों ने कड़ा ऐतराज जताया है और इसे शादी जैसे पवित्र संस्कार का मजाक बताकर विरोध शुरू कर दिया है। मामला पुलिस तक पहुंच गया है, और देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने इसकी जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि यह इवेंट किसी धर्म या संस्कृति की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निजी मॉल में होने वाले इस फेक वेडिंग इवेंट में नकली दूल्हा-दुल्हन, वरमाला, बारात और डेकोरेशन के साथ शादी का तमाशा दिखाने की योजना है। यह आयोजन बिना असली रस्मों और रिश्तों के केवल मनोरंजन के लिए आयोजित किया जा रहा है। हिंदू संगठनों ने इसे सनातन संस्कृति और विवाह जैसे पवित्र संस्कार का अपमान करार दिया है। हिंदू रक्षक दल के अध्यक्ष ललित शर्मा ने कहा, “शादी केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज का सबसे पवित्र संस्कार है। इसका मजाक उड़ाना हमारी आस्था और संस्कृति के साथ खिलवाड़ है।”
ललित शर्मा ने आगे कहा, “यह देवभूमि है, यहां सनातन संस्कृति को खराब नहीं होने दिया जाएगा। विवाह सनातन परंपरा का हिस्सा है, और इसे बचाना हमारा धर्म है। आयोजक फेक निकाह या फेक मैरिज क्यों नहीं कर रहे? सनातन के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि यह इवेंट हुआ, तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा, और इसकी जिम्मेदारी मॉल प्रबंधन की होगी।
विवाद की जानकारी मिलने के बाद देहरादून पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। एसएसपी ने जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि किसी भी तरह की गतिविधि जो धार्मिक या सांस्कृतिक भावनाओं को आहत करे, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस आयोजकों और मॉल प्रबंधन से इस संबंध में पूछताछ कर रही है।
यह इवेंट अब शहर में चर्चा का विषय बन गया है। हिंदू संगठनों ने साफ कर दिया है कि वे इस आयोजन को होने नहीं देंगे। वहीं, मॉल प्रबंधन और आयोजकों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। शहर में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

