देहरादून: राजधानी देहरादून में लगातार हो रही बारिश और बढ़ती ठंड को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने रात्रि में शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर पहुंचकर अलाव की व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने रैन बसेरों (रात्रि आश्रय गृहों) में रहने वाले असहाय, निराश्रित और बेघर लोगों का हालचाल जाना तथा उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली।
डीएम सविन बंसल ने देर शाम चौक-चौराहों पर अलाव व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने रैन बसेरों का स्थलीय दौरा कर वहां ठहरे लोगों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि ठंड और बारिश के मौसम में इन लोगों को पर्याप्त सुरक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।
जिलाधिकारी ने नगर निगम और तहसील प्रशासन के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि शीतकाल में कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति असुविधा का शिकार न हो। इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि:
- सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर अलाव की समुचित व्यवस्था हो और इसकी दैनिक सूचना उपलब्ध कराई जाए।
- रैन बसेरों में पर्याप्त कंबल, भोजन, पेयजल, प्रकाश, बिस्तर, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहें।
- रैन बसेरों की नियमित निगरानी की जाए और यदि आवश्यकता पड़े तो तत्काल अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जाएं, ताकि किसी भी व्यक्ति को ठंड से प्रभावित न होना पड़े।
डीएम सविन बंसल ने कहा, “जिला प्रशासन असहाय, निराश्रित और बेघर लोगों की सहायता के लिए लगातार प्रयासरत है। ठंड और बारिश के इस मौसम में हमारा लक्ष्य है कि कोई भी व्यक्ति ठंड से पीड़ित न हो। रैन बसेरों में रहने वालों को सभी जरूरी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं और अलाव व्यवस्था से सड़कों पर ठहरने वालों को राहत मिल रही है।”
यह निरीक्षण शहर में शीतलहर के प्रभाव को कम करने और सर्दियों में असहाय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में प्रशासन की सक्रियता को दर्शाता है। ऐसे दौरों से न केवल व्यवस्थाओं में सुधार होता है, बल्कि जनता का प्रशासन पर विश्वास भी बढ़ता है।
इस मौके पर उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरी और डीडीएमओ ऋषभ कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी सविन बंसल, जो 2009 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और सितंबर 2024 से देहरादून के डीएम पद पर तैनात हैं, अक्सर ऐसे फील्ड निरीक्षणों के लिए चर्चित रहते हैं। हाल ही में उन्होंने जर्जर स्कूलों, भूमि प्रबंधन और अन्य जनसुविधाओं पर भी सख्त कार्रवाई की है। यह पहल उत्तराखंड सरकार की ‘कोई भी न छूटे’ की नीति के अनुरूप है, जहां सर्दियों में विशेष राहत शिविर और अलाव व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाती है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई असहाय व्यक्ति ठंड से प्रभावित दिखे तो तुरंत स्थानीय थाना या जिला नियंत्रण कक्ष (1070 या 112) में सूचना दें।

