Sunday, February 8, 2026
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देहरादून में पहली बार होगा माल्टा महोत्सव का भव्य आयोजन

देहरादून: उत्तराखंड के कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ने राज्य की कृषि-उद्यानिकी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने घोषणा की है कि शीघ्र ही देहरादून में पहली बार ‘माल्टा महोत्सव’ का आयोजन किया जाएगा, जो राज्य के माल्टा उत्पादकों को बाजार से जोड़ेगा और किसानों की आय दोगुनी करने में मील का पत्थर साबित होगा। यह घोषणा नाबार्ड द्वारा वित्त पोषित पॉलीहाउस स्थापना को लेकर आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में की गई, जिसमें प्रदेश के सभी जनपदों के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ), जिला मुख्य उद्यान अधिकारी एवं जिला कृषि अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। मंत्री जोशी ने बैठक में पॉलीहाउस निर्माण की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए।

बैठक के दौरान मंत्री ने सभी जिलों में नाबार्ड वित्त पोषित पॉलीहाउस निर्माण की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी जनपदों में क्लस्टर चयन, किसानों का चयन तथा कम से कम दो फसलों—सब्जी एवं फूलों—के बड़े क्लस्टर विकसित करने के साथ लक्ष्य निर्धारित कर शीघ्र पॉलीहाउस स्थापित किए जाएं। जिला स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को भी कहा गया। मंत्री जोशी ने कहा, “पॉलीहाउस से किसानों को वर्ष भर उत्पादन की सुविधा मिलेगी, जो उनकी आय में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। प्रगति धीमी होने से किसान भाई प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए अब कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।” यह पहल राज्य के हिमालयी कृषि को आधुनिक बनाने की दिशा में है, जहां वर्तमान में 500 से अधिक पॉलीहाउस स्थापित हो चुके हैं, लेकिन लक्ष्य 2,000 तक पहुंचाने का प्लान है।

समीक्षा में अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं पर भी जोर दिया गया। कृषि मंत्री ने जायका (जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी) परियोजना, कीवी मिशन, एप्पल मिशन एवं ड्रैगन फ्रूट के लिए ठोस एक्शन प्लान तैयार कर योजनाबद्ध कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएमएफएमई (प्रधानमंत्री फॉर्मलायजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज) स्टोर की स्थापना, वेस्ट फूड से फूड वाइन उत्पादन के क्षेत्र में कार्य करने तथा अधिक से अधिक फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने पर बल दिया। तराई क्षेत्रों में सिंघाड़ा एवं मखाना की खेती को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने के आदेश दिए गए, जो जलग्रहण क्षेत्रों में विविधीकरण को बढ़ावा देगा। जनपद उत्तरकाशी के आराकोट में निर्माणाधीन कोल्ड स्टोरेज का कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश भी जारी किए। मंत्री ने कहा, “केंद्र एवं राज्य सरकार की कृषि-उद्यानिकी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। धरातल पर परिणाम दिखें, तभी किसान सशक्त होंगे।”

बैठक में अधिकारियों ने सकारात्मक अपडेट दिए। एप्पल मिशन के अंतर्गत वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 की किसानों की लंबित सब्सिडी राशि लगभग 5.50 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है, जिसका जीआईओ टैगिंग भी पूरा हो चुका है। इससे हजारों बागवानों को राहत मिली है। इसके अलावा, माली भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। इच्छुक उम्मीदवार प्रयाग पोर्टल के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं। यह कदम कृषि क्षेत्र में रोजगार सृजन को गति देगा।

माल्टा महोत्सव की घोषणा से कृषि समुदाय में उत्साह है। देहरादून में आयोजित होने वाला यह महोत्सव माल्टा उत्पादकों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं को एक मंच पर लाएगा। राज्य में माल्टा की खेती उत्तरकाशी, टिहरी और देहरादून जैसे जिलों में प्रमुख है, जहां वार्षिक उत्पादन 50,000 मीट्रिक टन से अधिक है। महोत्सव से निर्यात संभावनाएं बढ़ेंगी और किसानों को सीधा बाजार लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन कृषि अर्थव्यवस्था को 20% तक मजबूत कर सकते हैं।

कृषि मंत्री गणेश जोशी की यह पहल उत्तराखंड को जैविक कृषि का हब बनाने की दिशा में है। पॉलीहाउस, मिशन योजनाएं और महोत्सव जैसे कदमों से किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य साकार होगा। सरकार का संकल्प है कि हर गांव तक आधुनिक कृषि पहुंचे, पलायन रुके और ग्रामीण अर्थव्यवस्था फले-फूले। आने वाले महीनों में इन योजनाओं के सकारात्मक परिणाम नजर आएंगे।

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