देवाल (चमोली) : उत्तराखंड के चमोली जिले के देवाल ब्लाक में स्थित सैन्य बहुल सवाड़ गांव में सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर रविवार से तीन दिवसीय अमर शहीद सैनिक मेला का शुभारंभ हो गया। इस अवसर पर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सवाड़ की वीर भूमि को नमन करते हुए कहा कि यह गांव भारत माता की रक्षा करने वाले पराक्रमी जवानों की उर्वर भूमि है। यहां के युवा पीढ़ी-दर-पीढ़ी देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देते आ रहे हैं। उन्होंने शहीद स्मारक में प्रथम विश्वयुद्ध के 22 बलिदानियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए और मेले को राजकीय दर्जा प्रदान करने की घोषणा कर दी।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश रक्षा के साथ-साथ सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से अग्रसर हो रहा है। उत्तराखंड सरकार भी सैनिकों के कल्याण के प्रति पूर्णतः संकल्पबद्ध है। इसी कड़ी में देहरादून में सैन्यधाम का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जो सैनिक परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश में सरकारी भूमि पर से अवैध कब्जे हटाए जा रहे हैं, जिससे विकास कार्यों को गति मिलेगी। इसके अलावा, पिछले कुछ वर्षों में 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं, जो राज्य की युवा शक्ति को सशक्त बनाने का प्रमाण है।
मेला स्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री का क्षेत्रवासियों, पूर्व सैनिकों और उनके स्वजनों ने भव्य स्वागत किया। स्वागत सत्र के दौरान सीएम धामी ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जो क्षेत्र के विकास को नई दिशा देंगी। उन्होंने ग्वालदम-देवाल-वाण मोटर मार्ग को नंदा देवी राजजात के आयोजन के तुरंत बाद बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया। इससे सड़क की गुणवत्ता, रख-रखाव और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा। इसी तरह, चमोली जिले को कुमाऊं क्षेत्र से जोड़ने वाले रामपुर-तोरती मोटर मार्ग के निर्माण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। यह मार्ग न केवल यात्रा को सुगम बनाएगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।
मुख्यमंत्री ने थराली के तलवाड़ी और नंदानगर के लाखी क्षेत्र में मिनी स्टेडियम निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान की। इससे स्थानीय युवाओं को खेलकूद के अवसर मिलेंगे और स्वास्थ्य व फिटनेस को प्रोत्साहन मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान सीएम ने वीडियो ‘हिट गंगा बुग्याल’ का विमोचन किया, जो क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को दर्शाता है। साथ ही, शिक्षा विभाग को एक ट्रॉफी प्रदान की गई, जो उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मान का प्रतीक है। विधायक थराली भूपाल राम टम्टा ने बताया कि नंदा देवी राजजात यात्रा के लिए 100 करोड़ रुपये की धनराशि पहले ही मंजूर हो चुकी है, जबकि अतिरिक्त 50 करोड़ रुपये की मांग भी की गई है। यह यात्रा गढ़वाल-कुमाऊं की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है और इसे भव्य बनाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।
सवाड़ स्थित सैनिक स्मृति संग्रहालय का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय का आभार जताते हुए कहा कि सवाड़ की पावन धरती हमेशा राष्ट्रभक्ति, समर्पण और शौर्य की मिसाल प्रस्तुत करती रही है। स्वयं सैनिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले धामी ने भावुक लहजे में कहा कि इस वीरभूमि पर पहुंचते ही उन्हें अपने पिता द्वारा सुनाई गई अनेक वीरगाथाएं याद आ गईं। सवाड़ के वीर जवानों ने सदैव राष्ट्र रक्षा के लिए अप्रतिम त्याग का परिचय दिया है। कार्यक्रम के अंत में महिला मंगल दल और स्कूली छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसमें लोक नृत्य और गीतों ने वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया।
मुख्यमंत्री की घोषणाओं की सूची लंबी है, जो क्षेत्र के समग्र विकास पर केंद्रित है। इनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल और नारायणबगड़ को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन शामिल है। मटई और बैराजकुंड में अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे, जिससे ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी। आपदाग्रस्त क्षेत्र थराली और नंदानगर में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए विशेष पैकेज प्रदान किया जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में राजकीय महाविद्यालय तलवाड़ी में भूगोल और अर्थशास्त्र विषय, राजकीय महाविद्यालय नारायणबगड़ में विज्ञान वर्ग, तथा राजकीय महाविद्यालय देवाल में जीव विज्ञान और वनस्पति विज्ञान विषयों की पढ़ाई शुरू होगी। ये कदम युवाओं को उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान करेंगे और बेरोजगारी की समस्या से निपटने में सहायक सिद्ध होंगे।
सवाड़ गांव, जो चमोली जिले का एक प्रमुख सैन्य केंद्र है, प्रथम विश्वयुद्ध से लेकर हाल के संघर्षों तक सैकड़ों वीर सपूतों का गढ़ रहा है। यहां का अमर शहीद सैनिक मेला हर वर्ष सैनिक परिवारों को एकजुट करता है और राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रज्वलित करता है। इस वर्ष का मेला विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह सशस्त्र सेना झंडा दिवस के साथ संयुक्त है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि सीएम धामी की इन घोषणाओं से न केवल बुनियादी सुविधाएं मजबूत होंगी, बल्कि क्षेत्र की पहचान और मजबूत होगी।
कुल मिलाकर, यह मेला केवल स्मृति और सम्मान का आयोजन नहीं, बल्कि विकास की नई शुरुआत का प्रतीक है। मुख्यमंत्री धामी की सक्रियता से सवाड़ और आसपास के क्षेत्रों में एक नया आत्मविश्वास जागा है। उम्मीद है कि ये घोषणाएं शीघ्र धरातल पर उतरेंगी और उत्तराखंड की वीर भूमि को और समृद्ध बनाएंगी।

