Sunday, February 8, 2026
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मां के साथ पैतृक गांव पहुंचे मुख्यमंत्री धामी: ग्रामीणों से की हृदयस्पर्शी मुलाकात

NTI (विशेष संवाददाता): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को एक दिवसीय दौरे पर पिथौरागढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने ऐतिहासिक जौलजीबी मेले का शुभारंभ करने के बाद अपनी मां के साथ पैतृक गांव टुंडी-बारमौं का दौरा किया। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका गांव में पहला दौरा है, जो भावनाओं से सराबोर रहा। कनालीछीना क्षेत्र के इस छोटे से गांव में पहुंचते ही ग्रामीणों ने उनका पारंपरिक स्वागत किया, जबकि सीएम धामी बचपन की यादों में खो गए।

मुख्यमंत्री ने अपनी मां का हाथ थामे गांव की पगडंडियों पर घूमते हुए स्थानीय लोगों से गर्मजोशी से मुलाकात की। उन्होंने गांव के ब्रह्मचारी देव मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेश की समृद्धि व खुशहाली के लिए प्रार्थना की। पूजा के बाद आयोजित भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते हुए उन्होंने ग्रामीणों के साथ समय बिताया। इस दौरान बुजुर्गों ने उन्हें बचपन के नाम से पुकारा, जो देखने वालों के मन को छू गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सीएम धामी मंदिर में पूजा करते नजर आ रहे हैं, जहां मां के साथ उनके भावुक पल कैद हो गए।

गांव पहुंचने पर धामी ने अपनी भावनाओं को खुलकर बयां किया। उन्होंने कहा, “मां के साथ अपने पैतृक क्षेत्र कनालीछीना के टुंडी-बारमौं पहुंचना मेरे लिए बेहद भावुक क्षण रहा। यह वही गांव है जहां मैंने बचपन बिताया, पहली बार विद्यालय की राह पकड़ी और जहां गांव के स्नेह, संस्कृति व परंपराओं की समृद्ध छाया ने मेरे व्यक्तित्व को आकार दिया।” उन्होंने आगे जोड़ा, “गांव पहुंचते ही बुजुर्गों का स्नेहिल आशीर्वाद और मातृशक्ति का अथाह प्रेम मन को भावनाओं से भर गया। कई बुजुर्गों ने इस मुलाकात में भी मुझे बचपन के नाम से पुकारा, इस अपनत्व को शब्दों में समेटना मुश्किल है। नौनिहालों और युवाओं की मुस्कुराहटों में वह सारी स्मृतियां फिर जीवंत हो उठीं, जिन्होंने मुझे मूल्य सिखाए और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।”

धामी ने गांव को मात्र एक भौगोलिक इकाई न मानते हुए इसे अपनी जड़ों से जोड़ा। उन्होंने कहा, “इस मुलाकात के दौरान हर चेहरा अपना लगा, हर आंगन स्मृतियों से भरा और हर कदम बचपन की गलियों से होकर गुजरता हुआ महसूस हुआ। टुंडी-बारमौं मेरे लिए सिर्फ एक गांव नहीं बल्कि मेरी जड़ें, संस्कार और पहचान भी है।” यह बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जहां हजारों यूजर्स ने इसे रीपोस्ट किया।

गांव विकास पर जोर: प्रवासियों की अपील

दौरे के दौरान धामी ने गांव के विकास पर विशेष जोर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आग्रह का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “प्रत्येक उत्तराखंडवासी को अपने पैतृक गांव में अपने घरों को फिर से संवारना होगा। गांव से बाहर निवास करने वाले उत्तराखंड के प्रत्येक व्यक्ति को अपने गांव के विकास में योगदान देना होगा। प्रवासी भाई-बहन गांव के विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं।” यह अपील राज्य के प्रवासी समुदाय के लिए एक नई प्रेरणा का काम कर रही है, खासकर जब उत्तराखंड में पलायन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

पिथौरागढ़ जिले में जौलजीबी मेला भारत-नेपाल की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है, जिसका शुभारंभ धामी ने सुबह किया। मेले में हजारों लोग शामिल हुए, जहां स्थानीय उत्पादों व हस्तशिल्प की प्रदर्शनी लगी। इस दौरे से न केवल सीएम की जड़ों से जुड़ाव झलका, बल्कि ग्रामीण विकास की दिशा में एक मजबूत संदेश भी दिया। राज्य सरकार द्वारा ऐसे दौरों को बढ़ावा देने से पैतृक गांवों का पुनरुद्धार संभव हो सकता है।

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