Sunday, February 8, 2026
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मुख्य सचिव ने NH प्रोजेक्ट की प्रगति पर जताई नाराजगी, अधिकारियों को दी चेतावनी

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने राष्ट्रीय राजमार्गों की नई एवं गतिमान परियोजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न राजमार्ग परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई, जहां मुख्य सचिव ने प्रोजेक्ट्स की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए, ताकि कार्यों में तेजी आए और निर्धारित समयसीमा में परियोजनाएं पूरी हों। यह बैठक राज्य की सड़क संपर्कता को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में जहां कनेक्टिविटी एक बड़ी चुनौती है।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने 2022-23 में स्वीकृत पिथौरागढ़ – बागेश्वर एनएच 309 ए राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के प्रस्ताव को अभी तक केंद्र सरकार को न भेजे जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और उनके विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने के सख्त निर्देश जारी किए। इसी तरह, मार्च 2024 में स्वीकृत काठगोदाम – नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए वन एवं वन्यजीव स्वीकृतियों हेतु आवश्यक डेटा अपलोड में देरी पर अधिशासी अभियंता को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि देने का आदेश दिया। मुख्य सचिव ने कहा, “परियोजनाओं में देरी राज्य के विकास को प्रभावित कर रही है। अब कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

सभी प्रोजेक्ट्स की विभिन्न स्तरों पर नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में लंबित परियोजनाओं की समीक्षा बैठकों को मासिक आधार पर आयोजित करने को कहा। सभी विभागों को अपनी समस्याओं एवं मुद्दों को प्रमुखता से स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए, ताकि बाधाओं का त्वरित समाधान हो सके। मुख्य सचिव ने विभिन्न सड़कों की धारा 3(जी) और 3(डी) की कार्यवाहियों में गति लाने के आदेश दिए। पेड़ कटाई के लिए छपान एवं कटान की प्रक्रिया में देरी पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने 31 दिसंबर तक कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (मोइएएफसीसी) से लगातार संपर्क कर परियोजनाओं का फॉलो-अप करने को भी कहा।

गतिमान परियोजनाओं पर भी मुख्य सचिव की नजर रही। उन्होंने एनएचएआई के कोटद्वार बाईपास, झाझरा – आशारोड़ी, हरिद्वार – नजीबाबाद एवं देहरादून – दिल्ली एक्सप्रेस वे की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। इन सभी प्रोजेक्ट्स में तेजी लाते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा, “ये परियोजनाएं राज्य की आर्थिक व सामरिक मजबूती के लिए महत्वपूर्ण हैं। समयबद्धता सुनिश्चित करें, वरना सख्त कार्रवाई होगी।” वर्तमान में उत्तराखंड में 2,500 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग हैं, जिनमें 1,200 किलोमीटर पर निर्माण कार्य चल रहा है। इनमें देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस वे जैसी प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं, जो 2026 तक पूरी होने का लक्ष्य रखती हैं।

यह समीक्षा बैठक राज्य सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के संकल्प को दर्शाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन निर्देशों से परियोजनाओं की प्रगति में 20-25 प्रतिशत की वृद्धि संभव है, जो पर्यटन, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा देगी। मुख्य सचिव की सख्ती से अब अधिकारी अलर्ट मोड में हैं, और उम्मीद है कि पहाड़ी सड़कें जल्द ही विश्वस्तरीय बनेंगी।

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