NTI, देहरादून : उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 30 अप्रैल, 2025 से शुरू होने जा रही है। इस महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार और संबंधित विभाग तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में उत्तराखंड शासन ने चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं को बेहतर करने के लिए सभी सचिवों को यात्रा मार्गों का भ्रमण कर स्थलीय निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
मुख्य सचिव का कार्यभार संभालने के बाद आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में पहली सचिव समिति की बैठक की। इस दौरान उन्होंने सभी विभागों को बजट प्रावधानों के अनुरूप राजस्व बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही पूंजीगत व्यय को बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास करने और विभागों को अपनी वार्षिक कार्य योजना पहले से तैयार करने की हिदायत दी। मुख्य सचिव ने हर माह के लिए लक्ष्य निर्धारित करने पर भी जोर दिया।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 के आय-व्यय और लक्ष्यों की प्राप्ति की स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने विभागों को आगामी वित्तीय वर्ष के प्रस्ताव पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा, अवस्थापना विकास से संबंधित परियोजनाओं को चिह्नित कर ‘शेल्फ ऑफ प्रोजेक्ट्स’ तैयार करने की बात कही गई।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने व्यय वित्त समिति (ईएफसी) के प्रस्तावों को गति शक्ति पोर्टल के माध्यम से अपडेट करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के गठन से लेकर लागू होने तक की सभी गतिविधियां इस पोर्टल के जरिए ही संचालित की जाएंगी। साथ ही, प्रस्तावों को मंत्रिमंडल में पेश करने से पहले पूरी तरह तैयार करने और तय समय पर भेजने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके अतिरिक्त, परियोजनाओं पर त्वरित कार्य शुरू करने के लिए लैंड बैंक तैयार रखने की बात भी कही गई।
चारधाम यात्रा की पुख्ता व्यवस्थाओं के लिए मुख्य सचिव ने सचिव स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की है। उन्होंने सभी विभागों को आगामी यात्रा सीजन के लिए अभी से तैयारियां शुरू करने और समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। यात्रा मार्गों पर सभी जरूरी सुविधाओं का आकलन कर व्यवस्थाएं यात्रा शुरू होने से पहले दुरुस्त करने पर जोर दिया गया।
इन अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
चारधाम यात्रा के सुचारु संचालन के लिए निम्नलिखित सचिवों को विभिन्न धामों की जिम्मेदारी सौंपी गई है:
- सचिव युगल किशोर पंत: देहरादून से केदारनाथ यात्रा मार्ग
- सचिव आर राजेश कुमार: बद्रीनाथ यात्रा मार्ग
- सचिव बी वी आर सी पुरुषोत्तम: गंगोत्री धाम
- सचिव नीरज खैरवाल: यमुनोत्री धाम
चारधाम यात्रा उत्तराखंड के लिए धार्मिक और आर्थिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। हर साल लाखों श्रद्धालु बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि यात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो और यात्रा मार्ग पर सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों। इसके लिए प्रशासन अभी से सक्रिय हो गया है ताकि 30 अप्रैल से शुरू होने वाली यात्रा निर्बाध रूप से संपन्न हो सके।

