Sunday, February 8, 2026
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नैनीताल में ANPR कैमरों की मदद से जाम से मिलेगी निजात

नैनीताल: उत्तराखंड की झील नगरी नैनीताल में हर साल लाखों पर्यटक आते हैं, लेकिन क्रिसमस और नववर्ष के मौके पर शहर की सड़कें जाम से इस कदर भर जाती हैं कि घंटों लग जाते हैं एक किलोमीटर चलने में। अब इस पुरानी समस्या से निजात दिलाने के लिए कुमाऊं रेंज की पुलिस महानिरीक्षक डॉ. रिद्धिम अग्रवाल ने अनोखी पहल की है। शहर की सभी प्रमुख पार्किंग को इंटेलिजेंट ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। IIT रुड़की की तकनीकी मदद से पार्किंग स्थलों में हाईटेक सेंसर लगाए जा रहे हैं, जिससे रियल टाइम में पता चल जाएगा कि कौन सी पार्किंग में जगह खाली है और कौन सी फुल हो चुकी है।

 पत्रकार वार्ता में आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि “नैनीताल में जाम की सबसे बड़ी वजह पार्किंग मॉनिटरिंग का कमजोर होना है। पर्यटक बिना जानकारी के शहर के अंदर घुसते हैं और जब पार्किंग फुल हो जाती है तो सड़कों पर ही वाहन खड़े कर देते हैं। अब ऐसा नहीं होगा।”

शहर की पांच मुख्य पार्किंग – मेट्रोपोल, डीएसए, अशोक, सूखाताल और रूसी बाइपास – को इस सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। IIT रुड़की की टीम ने काम शुरू कर दिया है। डीएसए और अशोक पार्किंग में सेंसर लगाने का काम पूरा हो चुका है। बाकी पार्किंग में भी इसी सप्ताह काम खत्म कर लिया जाएगा। क्रिसमस से पहले पूरे सिस्टम का ट्रायल शुरू हो जाएगा ताकि 25 दिसंबर और 31 दिसंबर की रात को इसका पूरा फायदा मिल सके।

कैसे काम करेगा स्मार्ट सिस्टम?

हर पार्किंग में एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर सेंसर लगाए जा रहे हैं। ये सेंसर हर आने-जाने वाले वाहन को गिनेंगे। सिस्टम अपने आप गणना करेगा कि पार्किंग की कुल क्षमता में से कितनी जगह खाली है। यह डेटा रियल टाइम में पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुंचेगा। इसके बाद शहर के प्रवेश द्वारों पर तैनात पुलिसकर्मी पर्यटकों को सूचना देकर डायवर्ट करेंगे। अगर सभी पार्किंग फुल हैं तो वाहनों को तल्लीताल या मल्लीताल की ओर जाने से रोका जाएगा और वैकल्पिक रास्तों या बाहरी पार्किंग की ओर भेजा जाएगा।

आईजी ने बताया कि नैनीताल के सभी प्रवेश मार्गों – कैंपटी, भोटिया पड़ाव, तल्लीताल, मल्लीताल और रूसी बाइपास – पर पहले से ही ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे लगा दिए गए हैं। इन कैमरों से हर दिन कितने पर्यटक वाहन शहर में घुस रहे हैं, इसका डेटा एकत्र किया जा रहा है। अब सेंसर और ANPR का डेटा आपस में लिंक हो जाएगा, जिससे जाम की स्थिति का पहले से अनुमान लगाकर उसे रोका जा सकेगा।

पर्यटकों के लिए खास सुविधाएं भी

क्रिसमस-नववर्ष की भीड़ को देखते हुए पुलिस ने कई और इंतजाम किए हैं:

  • मुख्य मार्गों और गलियों में QR कोड लगाए जाएंगे। पर्यटक उन्हें स्कैन करके पार्किंग की उपलब्धता, घूमने के रास्ते, झील, मॉल रोड, पर्यटन स्थल आदि की जानकारी तुरंत पा सकेंगे।
  • पर्यटन पुलिस की विशेष टीमें तैनात की जाएंगी, जिन्हें खास ट्रेनिंग दी जा रही है।
  • 10-15 दिन पहले ही आसपास के जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुला लिया जाएगा।
  • ट्रैफिक पुलिस के साथ-साथ होमगार्ड और पीआरडी जवान भी तैनात रहेंगे।

आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने कहा, “हमारा मकसद यह है कि पर्यटक बिना परेशानी के नैनीताल की खूबसूरती का आनंद ले सकें। स्मार्ट तकनीक से हम जाम को 70-80 प्रतिशत तक कम करने में सफल होंगे।”

नैनीताल आने वाले पर्यटकों के लिए यह नया सिस्टम एक बड़ा तोहफा साबित होने वाला है। अब झील की नाव की सैर के लिए घंटों जाम में फंसने की मजबूरी खत्म हो जाएगी। क्रिसमस और न्यू ईयर की रात नैनीताल पहले से कहीं ज्यादा सुहानी और सुगम होने वाली है।

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