NTI: साधु के भेष में छिपा था 46 लाख का ड्रग तस्कर!कहते हैं जो दिखता है, वो हमेशा सच नहीं होता। लेकिन यह खबर सुनकर आप दंग रह जाएंगे! राजस्थान के हनुमानगढ़ में एक अघोरी साधु, जिसे आप तपस्या में लीन देखते, असल में कोई साधु नहीं, बल्कि 46 लाख रुपये की हीरोइन का तस्कर था! जी हाँ, यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि हकीकत है, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया।हनुमानगढ़ पुलिस ने एक ऐसे खुलासे को अंजाम दिया, जिसने सबके होश उड़ा दिए। इस अघोरी का असली नाम है पूर्ण राम शर्मा, जो 2023 से 115 ग्राम हीरोइन तस्करी के मामले में फरार था।
इस शातिर अपराधी ने अपनी पहचान छुपाने के लिए साधु का भेष धारण किया और देश के पवित्र धार्मिक स्थलों—उज्जैन के महाकाल मंदिर, काशी के काल भैरव मंदिर, गुवाहाटी के कामाख्या मंदिर और पश्चिम बंगाल के तारापीठ—में पूजा-पाठ का ढोंग रचते हुए ड्रग्स का काला कारोबार चला रहा था।पुलिस के मुताबिक, पूर्ण राम शर्मा विजयनगर का रहने वाला है और 3 साल से फरार था। 2023 में हनुमानगढ़ टाउन पुलिस ने 115 ग्राम हीरोइन (जिसकी कीमत 46 लाख रुपये है) के साथ तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य सप्लायर पूर्ण राम ही था। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश में लगातार छापेमारी की, लेकिन वह हर बार बच निकलता। उसने साधु का भेष बनाकर पुलिस को चकमा देने की पूरी कोशिश की। हनुमानगढ़ पुलिस अधीक्षक ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 5000 रुपये का इनाम भी घोषित किया था। फिर भी वह पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। लेकिन टाउन पुलिस ने अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और आखिरकार सूचना मिली कि पूर्ण राम धार्मिक स्थलों पर साधु के वेश में छिपा है।
पुलिस ने कड़ी मेहनत और सटीक रणनीति के साथ उसे धर दबोचा।पुलिस ने बताया, “यह आरोपी धार्मिक स्थलों और धर्मशालाओं में रहकर पूजा-पाठ का नाटक करता था, ताकि कोई शक न करे। लेकिन हमारी टीम ने उसे पकड़ लिया।” यह गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है, लेकिन सवाल यह उठता है—क्या यह साधु का भेष सिर्फ एक मुखौटा था? और न जाने कितने ऐसे चेहरे देश के कोने-कोने में छिपे होंगे?

