Friday, November 6, 2026
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प्रमाण दें, राजनीति छोड़ दूंगा: हरीश रावत

जुमे की छुट्टी और घोटालों के आरोपों पर अमित शाह को खुली चुनौती, बोले- एक भी आरोप साबित हुआ तो मांगूंगा माफी

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे के दौरान कांग्रेस पर लगाए गए आरोपों ने सियासी घमासान तेज कर दिया है। शुक्रवार की नमाज के लिए छुट्टी का प्रस्ताव लाने और भ्रष्टाचार के आरोपों पर पूर्व मुख्यजुमे की छुट्टी विवादमंत्री हरीश रावत ने अमित शाह को खुली चुनौती दी है। रावत ने कहा कि अमित शाह जुमे की छुट्टी या किसी भी घोटाले का एक प्रमाण दे दें, वह राजनीति छोड़ देंगे और प्रदेश व देश की जनता से माफी मांगेंगे।

हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर अमित शाह के संबोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गृहमंत्री ने अपने भाषण में उन्हें संदर्भित करते हुए कई झूठे आरोप लगाए। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन आरोपों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है, उन्हें सार्वजनिक मंच से क्यों दोहराया जा रहा है। रावत के मुताबिक, उनके संबोधन के दौरान जनता की प्रतिक्रिया भी इन आरोपों को लेकर सकारात्मक नहीं थी।

सचिवालय और भ्रष्टाचार के आरोपों पर पलटवार

अमित शाह के सचिवालय को कमीशन का अड्डा बताए जाने पर भी हरीश रावत ने पलटवार किया। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए एक मंत्री के परिवार की कथित 210 करोड़ रुपये की संपत्ति और आय से अधिक संपत्ति के मामले का उल्लेख किया। रावत ने दावा किया कि इस मामले में हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन सरकार जांच की अनुमति नहीं दे रही है।

उन्होंने कहा कि यदि घोटालों की चर्चा शुरू की जाए तो भाजपा के पास भी जवाब देने के लिए बहुत कुछ है। रावत ने अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा कि भाजपा उनके शासनकाल के किसी एक घोटाले को ही प्रमाण सहित साबित कर दे। यहां तक कि जुमे की छुट्टी के प्रस्ताव का भी प्रमाण सामने रख दे तो वह राजनीति छोड़ने के साथ ही जनता से माफी मांगने को तैयार हैं।

स्टिंग ऑपरेशन को लेकर भी भाजपा पर निशाना

शराब और स्टिंग ऑपरेशन से जुड़े आरोपों पर हरीश रावत ने भाजपा को घेरते हुए कहा कि उनके खिलाफ हुए स्टिंग ऑपरेशन भाजपा और उससे जुड़े लोगों की ओर से करवाए गए थे। उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि इन स्टिंग ऑपरेशनों के पीछे भाजपा की भूमिका रही है।

रावत ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सरकार को जनकल्याणकारी नीतियों के बजाय स्टिंग करने वालों का सहारा लेना पड़ता है। उन्होंने कहा कि स्टिंगबाजी और झूठ के सहारे राजनीति करने की व्यवस्था भाजपा को मुबारक।

अमित शाह के आरोपों पर हरीश रावत का यह जवाब उत्तराखंड की राजनीति में एक नया सियासी टकराव लेकर आया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि भाजपा इन आरोपों और रावत की खुली चुनौती पर क्या प्रतिक्रिया देती है।

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