साउथ इंडिया टप्पेबाज गिरोह उत्तराखंड पुलिस के शिकंजे में

देहरादून। देहरादून एसओजी टीम ने पहली बार एक ऐसे साउथ इंडियन अन्तरराज्यीय टप्पेबाज गिरोह का पर्दाफाश किया है। गैंग के सदस्य पार्किंग में खड़ी लग्ज़री गाड़ियों के शीशे तोड़कर कीमती माल उड़ाने की घटना को अंजाम देते थे। पुलिस की गिरफ्त में आये गिरोह के 8 सदस्य मूल रूप से तमिलनाडु के रहने वाले हैं, जिनसे चोरी किया हुआ लाखों का माल भी बरामद हुआ है। पकड़ा गया गिरोह चेन्नई, आगरा, दिल्ली, हरियाणा, चण्डीगढ़, लुधियाना, अमृतसर, उत्तराखण्ड के हरिद्वार, रुड़की व देहरादून में पहले भी कई घटनाओं को अंजाम दे चुकें हैं।
वारदात के बाद हरिद्वार के धर्मशाला में लेते थे पनाह
पुलिस के लिए सिरदर्द बने टप्पेबाजों की धरपकड़ के लिए देहरादून जिले के सभी चेकिंग प्वाइटों पर संघन चेकिंग अभियान चलाया गया। साथ ही होटल/धर्मशाला, गेस्ट हाउस में संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग करायी गयी। सीसीटीवी फुटेज की गहनता से जांच करने पर कई घटनाओं में साउथ इण्डियन तमिलनाडु गैंग के होने की जानकारी मिली।

देहरादून रेलवे स्टेशन के पास से पकड़े गए
गैंग की तलाश के लिए सर्विलांस की मदद से थाना पुलिस और SOG  टीम अलग–अलग स्थानों पर दबिश दी। इसी बीच देहरादून रेलवे स्टेशन के वाणीज्य कर चेक पोस्ट के पास कुछ संदिग्ध व्यक्ति देखे गए। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर 8 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी वारदात के बाद हरिद्वार के धर्मशाला में पनाह लेते थे।

रबर बैंड-हेयर पिन की गुलेल से शीशा तोड़ने का नायाब तरीका
साउथ इंडियन टप्पेबाज गिरोह से पूछताछ में जानकारी सामने आयी कि, गैंग लीडर दीपू है जिसने तमिलनाडु के आस-पास के युवकों के साथ मिलकर एक गैंग बनाया था। गाड़ी का शीशा तोड़ने के लिये रबर बैंड व हेयर पिन से गुलेल बनाकर बैयरिंग की लोहे की छोटी गोलियों से गाड़ी का शीशा तोड़ते थे। गिरोह का लीडर दीपू प्रतिदिन एक हजार रुपए और चोरी के सामान में हिस्सा देता था।

घेराबंदी कर टप्पेबाजी की घटना को देते थे अंजाम
पकड़े गए सभी आरोपी गाड़ी का शीशा तोड़ने में माहिर हैं। वारदात को अंजाम देने से पहले पार्किंग में खड़ी गाड़ियों को एक सदस्य चेक करता फिर चिन्हित गाड़ी को एक सदस्य रबर बैंड की गुलेल व लोहे की गोली से शीशे को क्रेक करता, दूसरा हाथ में कपड़ा लपेटकर शीशे को तोड़ने का काम करता। इस बीच गैंग के और सदस्य गाड़ी के चारों तरफ खडे़ होकर निगरानी करते कि कोई आ तो नहीं रहा।

देश के कई राज्यों में घटना को दे चुके हैं अंजाम
आरोपियों ने बताया कि चेन्नई, आगरा, दिल्ली, हरियाणा, चण्डीगढ़, लुधियाना, अमृतसर, हरिद्वार, रुड़की व देहरादून में कई घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। इन चोरियों में जो भी माल मिलता है यह सब उसको आपस में बांट लेते और वापस तमिलनाडु जाकर सस्ते दामों में बेच देते थे।

पकड़े गए टप्पेबाज

  • दीपू पुत्र पार्थिबन निवासी 3/113 न्यू कतुर, गांधी नगर जिला तृच्ची तमिलनाडु, उम्र करीब 31 वर्ष।
  • मितरान पुत्र मोहन निवासी 76 मलाईपट्टी जिला तृच्ची तमिलनाडु, उम्र 46 वर्ष।
  • अनवालगन पुत्र पलमी स्वामी निवासी 30/187 मलाईपट्टी जिला तृच्ची तमिलनाडु, उम्र 51 वर्ष।
  • मुरली पुत्र वीरा बतरान निवासी एच. बी. कॉलोनी मलाईपट्टी जिला तृच्ची तमिलनाडु, उम्र 56 वर्ष।
  • उदया कुमार पुत्र मुनुशमी निवासी 57 मिल कॉलोनी जिला तृच्ची तमिलनाडु, उम्र 47 वर्ष।
  • साक्ची बेल पुत्र कृष्णन निवासी 86 मिल कॉलोनी जिला तृच्ची तमिलनाडु, उम्र 35 वर्ष।
  • शिवा पुत्र समुन्दी निवासी 3/188 न्यू कतुर पुलगनुर जिला तृच्ची, तमिलनाडु उम्र 38 वर्ष ।
  • उमानाथ पुत्र राधाकृष्णन निवासी 37 ए बटकूथरु थाना शशीनिश जिला तृच्ची तमिलनाडु, उम्र 47 वर्ष।

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