नौकरीपेशा और श्रमिकों के लिए जल्द लागू होगा सोशल सिक्योरिटी कोड

सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में काम करनेवाले नौकरीपेशा लोगों और श्रमिकों के लिए बड़ी खबर है. श्रम और रोजगार मंत्रालय ने सोशल सिक्योरिटी कोड के तहत कर्मियों और श्रमिकों के लिए मुआवजे से संबंधित नियमों को अधिसूचित कर दिया है और प्रभावित होनेवाले स्टेकहोल्डर्स से आपत्तियां और सुझाव मांगा है.

सरकारी सूचना एजेंसी पीआईबी के मुताबिक, मंत्रालय ने बीते 3 जून को सामाजिक सुरक्षा कोड की अधिसूचना जारी की है और 45 दिनों के भीतर आपत्तियों और सुझावों को प्रस्तुत करना जरूरी है. इसके बाद प्रस्तावों पर विचार नहीं किया जाएगा. पीआईबी ने इस संबंध में मंगलवार को वि​ज्ञप्ति जारी की है.

इसके साथ ही कर्मियों और श्रमिकों की भलाई के लिए कई सारे प्रावधान किए गए हैं. सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत मसौदा नियम कर्मचारी भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा निगम, ग्रेच्युटी, मातृत्व लाभ, सामाजिक सुरक्षा और भवन और अन्य निर्माण श्रमिकों के संबंध में उपकर, असंगठित श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा, गिग श्रमिकों से संबंधित है.

इन चीजों से जुड़े नियमों का प्रावधन

  • कर्मचारी मुआवजा नियमों में दावे या निपटान के लिए आवेदन के तरीके
  • मुआवजे के विलंबित भुगतान के लिए ब्याज दर
  • कार्यवाही के स्थान और मामलों के हस्तांतरण
  • नोटिस और एक सक्षम से फंड ट्रांसफर के तरीके
  • मुआवजे के रूप में पैसों के ट्रांसफर के लिए अन्य देशों के साथ व्यवस्था

राज्यों के लिए तय की जा चुकी है डेडलाइन

बता दें कि श्रम मंत्रालय, सोशल सिक्युरिटी से जुड़े नियमों को लेकर राज्यों के लिए डेडलाइन जारी कर चुका है. अप्रैल मध्य में मंत्रालय ने राज्यों को 2 महीने का समय दिया था, जो लगभग पूरा होने वाला है. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही सोशल सिक्योरिटी कोड जारी किए जाएंगे.

मजदूरों को मिलेगी बहुत राहत

सोशल सिक्योरिटी कोड लागू होने के बाद किसी भी राज्य से आने वाले मजदूरों को सिर्फ एक ही जगह पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा. उन्हें कंस्ट्रक्शन सेस का फायदा मिलेगा. रहने के लिए सस्ते में घर मिलेंगे. बीमा कवर का फायदा देने के लिए यूनिवर्सल हेल्थ कार्ड मिलेगा. सरकार ने लेबर ब्यूरो को निर्देश दिया है कि प्रवासी मजदूरों से जुड़ा सर्वे जल्दी पूरा किया जाए.

जॉइनिंग लेटर, सैलरी, हेल्थ चेकअप

नए प्रावधानों के मुताबिक, सभी कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र मिल सकेगा. संसद में इस बिल को पेश करते वक्त श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने कहा था कि श्रमिकों की यह समस्या रही है कि वे यह सिद्ध ही नहीं कर पाते हैं कि वे किस संस्थान के श्रमिक हैं. इसलिए श्रमिक को लेबर कोड के माध्यम से नियुक्ति-पत्र का कानूनी अधिकार दिया गया है. इसके साथ ही श्रमिकों को वेतन के डिजिटल भुगतान का प्रावधान है. साल में एक बार सभी श्रमिकों का हेल्थ चेकअप भी अनिवार्य किया गया है.

छुट्टी के लिए क्या होगा प्रावधान?

पहले किसी कर्मचारी को एक साल में न्यूनतम 240 दिन का काम करने के बाद ही हर 20 दिन पर एक दिन की छुट्टी पाने का अधिकार मिलता था. नए प्रावधानों में छुट्टी की पात्रता के लिए, 240 दिन की न्यूनतम शर्त को घटाकर 180 दिन कर दिया गया है. सोशल सिक्योरिटी के तहत सोशल सिक्योरिटी और मैटर्निटी लाभ से जुड़े सभी 9 कानूनों को एक में शामिल किया गया है.

ग्रेच्युटी को लेकर क्या है प्रावधान?

Social Security Code 2020 के नए प्रावधानों में बताया गया है कि जिन लोगों को फिक्सड टर्म बेसिस पर नौकरी मिलेगी, उन्हें उतने दिन के आधार पर ग्रेच्युटी पाने का भी हक होगा. कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर काम करने वालों को उनके वेतन के साथ-साथ अब ग्रेच्युटी का फायदा भी मिलेगा. वो कॉन्ट्रैक्ट कितने दिन का भी हो. अगर कर्मचारी नौकरी की कुछ शर्तों को पूरा करता है तो ग्रेच्‍युटी का भुगतान एक निर्धारित फॉर्मूले के तहत गारंटीड तौर पर उसे दिया जाएगा. बता दें कि ग्रेच्युटी का छोटा हिस्सा कर्मचारी की सैलरी से कटता है, लेकिन बड़ा हिस्सा कंपनी की तरफ से दिया जाता है.

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