पहाड़ों में अपराध होने के बाद पुलिस करती है सत्यापन का ड्रामा

उत्तरकाशी। बीते कुछ सालों में पहाड़ की शांत वादियां अशांत करने वाली घटनाओं में इजाफा होने के बाद भी पुलिस प्रशासन गंभीर नहीं दिख रहा है। हर बार ऐसी आपराधिक घटनाएं होने पर पुलिस बाहरी लोगों के सत्यापन के लिए सक्रिय होती है, लेकिन यह सत्यापन भी महज औपचारिकता बनकर रह गए हैं।

बीते कुछ सालों में बिहारी एवं नेपाली मूल के लोग पहाड़ के दूरस्थ गांवों तक पैठ बना चुके हैं। वर्तमान में स्थिति यह है कि सड़क, भवन आदि निर्माण कार्य ही नहीं खेत एवं बागीचों तक का काम यही वर्ग संभाल रहा है। पुलिस आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते ढाई साल के भीतर इस सीमांत जनपद में बलात्कार की 22 घटनाएं हो चुकी हैं और इनमें से छह घटनाओं में बाहरी लोगों की संलिप्तता पाई गई। अभी कुछ माह पहले ही नौगांव बाजार में एक बाहरी कबाड़ व्यापारी ने नाबालिग बच्ची को बंधक बना डाला था। तब भी स्थानीय लोगों का रोष खुलकर सामने आया था और इसके बाद बाहरी लोगों के पुलिस सत्यापन की मांग उठी थी।
अब सत्यापन पर नजर डालें तो बीते ढाई सालों में पुलिस ने जिले में 7412 बाहरी लोगों का सत्यापन किया। इन लोगों के दस्तावेजों के आधार पर उनके मूल राज्य एवं जनपदों में वैरीफिकेशन के लिए पत्राचार किया गया, लेकिन इनमें से कुछ का ही जवाब आया। शेष के बारे में अभी तक पता नहीं चल पाया है कि ये लोग आपराधिक प्रवृत्ति के हैं या नहीं। ऐसे में पुलिस वैरीफिकेशन भी महज औपचारिकता बनकर रह गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में अपराध के मामले बढ़ने के पीछे बड़ा कारण इस पहाड़ी जनपद में अधिकांश हिस्सा राजस्व पुलिस के भरोसे होना है। संसाधन विहीन राजस्व पुलिस को बड़े आपराधिक मामलों की पड़ताल में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

इंटरनेट सेवाएं बंद करायी गईं
जनपद के डुंडा क्षेत्र में नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ बलात्कार और जघन्य हत्याकांड होने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से सच्ची और झूठी सूचनाएं फैलने लगीं। हालांकि दोपहर बाद जिले में बीएसएनएल समेत तमाम निजी मोबाइल कंपनियों की इंटरनेट सेवाएं ठप हो गईं। स्थानीय लोगों के अनुसार प्रशासन ने अफवाहों से माहौल खराब होने की आशंका को देखते हुए इंटरनेट सेवाएं बंद करा दीं। हालांकि इस संबंध में अधिकारी कुछ स्पष्ट बोलने से बचते रहे। लेेकिन इंटरनेट सेवाएं ठप होने से समाचार भेजने में भी खासी दिक्कतें आयीं।

यह अपराध राजस्व क्षेत्र का होने के बावजूद पुलिस सुबह से ही इसमें सक्रिय है। हिरासत में लिए गए मजदूरों से पूछताछ जारी है, लेकिन अभी तक आरोपों की पुष्टि नहीं हो पायी है। अब यह मामला राजस्व पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा करेगी। पुलिस निरंतर जनपद में बाहरी लोगों का सत्यापन कर रही है। 
सुखवीर सिंह, पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी।

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