हिमाचल के बाद पंजाब में भारी बारिश के कहर से तबाही

हिमाचल में भारी बारिश का कहर पहले से बरपा हुआ है. इस बीच पंजाब और आसपास के प्रदेशों में भी बारिश के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. रेल अलर्ट जारी करते हुए लोगों को घरों में ही रहने का निर्देश दिया गया है.

लौटते मॉनसून ने उत्तर भारत में एक बार फिर से तबाही मचाई है. हिमाचल में नदियां उफनाईं हैं तो कई पहाड़ दरक रहे हैं. इधर पंजाब में बारिश ने भारी तबाही मचाई है. चंडीगढ़ में सुखना झील का पानी खतरे के निशान को पार कर गया है. पंजाब में भारी बारिश को देखते हुए सरकार ने रेड अलर्ट जारी किया है. सरकार ने सेना से भी तत्पर रहने का आग्रह किया है. मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने प्रदेश के लोगों से अगले 24 घंटे घर से न निकलने की गुजारिश की है.

बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन से लगातार नजर बनाए रखने को कहा गया है. पंजाब में पिछले दो दिनों से बारिश हो रही है और सोमवार को भी मूसलाधार बारिश हुई. जिला नियंत्रण कक्ष को तेजी से कार्रवाई करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है. साथ ही, सेना को भी सतर्क कर दिया गया है.

जिला प्रशासन से नदियों के दोआब इलाकों में किसी भी बचाव अभियान के लिए पर्याप्त नौकाओं का इंतजाम करने को कहा गया है. सतलुज नदी के पास दोराहा और मछिवारा (जिला लुधियाना) गांवों को अलर्ट पर रखा गया है. खन्ना एसएसपी ने थाना प्रभारियों को आदेश जारी कर कमजोर घरों को पहचानने को कहा है, ताकि समय पर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके.

उधर, भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार को पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी यूपी, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, दक्षिणी कर्नाटक, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.

सुखना झील में खतरा बढ़ा

चंडीगढ़ के सुखना झील में पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है. झील के दरवाजे खोल दिए गए हैं. पानी का स्तर 1163 फुट से ऊपर पहुंचने पर सोमवार को बीते 10 साल में पहली बार झील के दरवाजे खोले गए. चंडीगढ़ और पंचकूला को जोड़ने वाले सुखेत्री पुल को ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया गया है. सुखना झील से छोड़े गए पानी के चलते चंडीगढ़ के निचले इलाकों में पानी भर गया है.

कई गाड़ियों के रूट बदले

पंजाब में भारी  बारिश के चलते और जगह-जगह जल भराव को देखते हुए फिरोजपुर रेलवे डिवीजन ने कई रेल गाड़ियों को रद्द कर दिया और कई गाड़ियों के रूट बदले.

-अमृतसर से रद्द ओर रूट बदलने वाली ट्रेनें

1-गाड़ी नंबर 12460, अमृतसर से नई दिल्ली से अमृतसर

2. गाड़ी नंबर 14681/14682, न्यू दिल्ली से जालंधर सिटी ,न्यू दिल्ली इंटरसिटी

3-बटिंडा जम्मूतवी एक्सप्रेस, 23 सितंबर को वाया जालंधर सिटी

4. चंडीगढ़-अमृतसर का रूट बदला, ट्रेन मानावाला की ओर से जाएगी.

हिमाचल में त्राहि-त्राहि

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में बीते दो दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश के चलते जिला भर में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है. हाई अलर्ट के दौरान लोगों से अपने आसपास सावधानी बरतने और नजर बनाए रखने की अपील की गई है. किसी प्रकार की कोई प्राकृतिक आपदा नजर आती है, तो इसकी सूचना जिला प्रशासन को या संबंधित उपमंडलीय प्रशासन को देकर सहायता मांगी जा सकती है.

वहीं भारी बारिश के कारण जिले के नदी नाले उफान पर हैं. खासतौर पर ब्यास नदी खतरे के निशान से उपर बह रही है. कुल्लू-मनाली में जितनी भी बारिश हो रही है, उसका सारा पानी ब्यास नदी के साथ मंडी जिला से होता हुआ कांगड़ा जिला और उससे आगे जा रहा है. इस कारण ब्यास नदी के किनारे रहने वालों को अलर्ट जारी कर दिया गया है. लारजी और पंडोह डैम से भी भारी पानी छोड़ा जा रहा है क्योंकि बारिश के इतने अधिक पानी को स्टोर कर पाना संभव नहीं.

बीती रात औट बाजार के पास पानी आने से लोगों के घरों और दुकानों में पानी घुस गया. हालांकि इससे ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है लेकिन रात के अंधेरे में लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा. दवाड़ा के पास फिर से ब्यास नदी का पानी सड़क पर आ जाने के कारण मनाली चंडीगढ़ नेशनल हाईवे बंद हो गया है. दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं. देर रात से ही यहां गाड़ियों की आवाजाही बंद कर दी गई है और दूसरे रास्तों का सहारा लिया जा रहा है. जिला की कुछ मुख्य सड़कें लैंडस्लाइड और पेड़ गिरने के कारण बंद हो गई हैं जिन्हें बहाल करने का काम युद्ध स्तर पर चला हुआ है.

बरोट में उहल नदी उफान पर

बरोट में बहने वाली उहल नदी भी पूरे उफान पर है. यहां पर पानी का जलस्तर खतरे के निशान से उपर बह रहा है, वहीं इस नदी पर टिक्कन के पास बने लोहे के पुल पर भी खतरा मंडराने लगा है. डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि जिला में सोमवार को हाई अलर्ट जारी किया गया है और लोगों से ऐहतिआत बरतने को कहा जा रहा है. उन्होंने बताया कि जिला में अभी तक कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है और जो नुकसान हुआ है उसका आकलन किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन उच्च स्तरीय बैठक करके राहत कार्यों की स्थिति जांचने जा रहा है और आगे के फैसले लेने जा रहा है.

 

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