विकास के पहिए को रफ्तार देने के लिए सरकार का चिंतन शिविर शुरू

मसूरी: लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी मसूरी में आज 22 नवंबर से तीन दिवसीय चिंतन शिविर (three day chintan shivir) शुरू हो गया है. पहले दिन चिंतन शिविर (chintan shivir in Mussoorie) में प्रतिभाग करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) हेलीकॉप्टर से मसूरी के पोलो ग्राउंड पहुंचे, जहां जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया.

इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चिंतन शिविर उत्तराखंड के समस्त पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया जा रहा है. चिंतन शिविर के दौरान उत्तराखंड के विकास के लिये आने वाले 5 से 10 सालों को लेकर रोड मैप बनाया जायेगा. चिंतन शिविर में प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत करने, जीडीपी को बढ़ाने और लोगों के जीवन स्तर को और बेहतर करने संबंधित विषय पर चर्चा की जाएगी.

इस दौरान सीएम धामी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें बेस्ट प्रैक्टिस करने की आदत डालनी होगी और 10 से 5 वाले कल्चर से बाहर आना होगा. सरलीकरण समाधान और संतुष्टि करण के मंत्र पर कार्य करना होगा. वर्ष 2025 तक केवल श्रेष्ठ राज्य की बात कहकर कुछ नहीं होने वाला, बल्कि इसे हमको साकार करके दिखाना है. पर्यटन,योगा, हाइड्रो पावर और हॉर्टिकल्चर ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें अभी बहुत कुछ करने की संभावनाओं की गुंजाइश है. अभी कुछ दिनों से मैंने आदत बनाई है कि जिलों में भ्रमण के दौरान सुबह 6:00 से 8:00 तक आमजन से एक सामान्य सेवक की तरह बात करता हूं और सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को लेकर फीडबैक लेता रहता हूं.

उन्होंने कहा कि अधिकारियों और मंत्रियों का समय-समय पर प्रदेश के दूरदराज इलाकों में प्रवास हो, जिससे कि दूरदराज इलाकों का विकास हो सके. पहले लखनऊ में बैठकर प्रदेश के विकास के लिए रोड मैप बनता था, लेकिन वे नहीं चाहते की अब देहरादून में बैठकर प्रदेश के विकास का रोडमैप बनाया जाए, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में जाकर रोडमैप तैयार किया जाए और सभी अधिकारियों की जवाबदेही तय हो.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अधिकारियों के कार्य का मूल्यांकन किया जाएगा. अधिकारियों के काम के आधार पर ही उनकी परफॉर्मेंस को देखा जाएगा. प्रदेश के सभी अधिकारियों को चिंतन शिविर में चिंतन के साथ प्रदेश के विकास के लिए चिंता भी करनी होगी कि उत्तराखंड राज्य देश के श्रेष्ठ राज्यों में कैसे शामिल हो.

उन्होंने कहा कि साल 2025 तक उत्तराखंड को देश के अग्रणीय नये राज्यों में शामिल किया जा सके, जिसके लिए लगातार विभिन्न माध्यमों से मंथन किया जा रहा है. मसूरी में आयोजित चिंतन शिविर तीन दिनों तक चलेगा. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मानना है कि इस चिंतन से जरूर अमृत निकलेगा और इस अमृत से उत्तराखंड आगे बढ़ेगा. चिंतन शिविर के अलग-अलग सेक्शन में हर अधिकारी के लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे. मसूरी में तीन दिवसीय चिंतन शिविर को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारी सचिव और अधिकारी शिविर में प्रतिभाग कर रहे हैं.

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