सियासत में उलझी गैरसैंण राजधानी का मुद्दा

देहरादून। उत्तराखंड में गैरसैंण एक ऐसा मुद्दा रहा है, जिसको लेकर सियासी दलों ने चुनावों के दौरान वोट बटोरने का काम किया है। जब-जब प्रदेश में चुनाव हुए तब-तब गैरसैंण के नाम पर राजनेताओं ने जनता को ठगा है। जबकि, हालात ये है कि पिछले 18 सालों में गैरसैंण को लेकर राज्य सरकारें कुछ ठोस कदम नहीं उठा पाई हैं। अब एक बार फिर गैरसैंण सियासी मुद्दा बन गया है।

उत्तराखंड में गैरसैंण के नाम पर वोट बटोरने वाली पार्टियां एक बार फिर गैरसैंण को लेकर सियासत करने लगी हैं। लेकिन इस बार मामला गैरसैंण को राजधानी बनाने से नहीं जुड़ा है। बल्कि, गैरसैंण को एक विकसित शहर या यूं कहें कि स्मार्ट सिटी के तर्ज पर डेवलप करने का है। जी हां राज्य सरकार गैरसैंण में एक टाउनशिप डेवलप करने जा रही है, जिस के तर्ज पर गैरसैंण का समायोजित विकास हो सके। बकायदा इसके लिए राज्य सरकार ने पशुपालन विभाग की 500 एकड़ जमीन भी चिन्हित कर स्मार्ट इंटीग्रेटेड टाउनशिप बनाने पर विचार कर रही है। त्रिवेंद्र सरकार का ये कदम गैरसैंण को राजधानी बनने की दिशा में भी देखा जा रहा है।

शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक से जब यह सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सरकार गैरसैंण के विकास के लिए कटिबद्ध है और गैरसैंण में समानांतर विकास हो, इसके लिए वहां टाउनशिप विकसित किया जाएगा।

इतना ही नहीं सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत भी गैरसेंण को लेकर अब खुलकर बात कर रहे हैं। सीएम की मानें तो गैरसेंण में दो झील बनवायी जाएंगी| सीएम ने कहा की हमें लगता है कि जंहा पर विकास होना है तो वहां पर मास्टर प्लान के तहत विकास हो। पूर्व की सरकार के दौरान जमीन के क्रय और विक्रय पर रोक लगायी गयी थी, उसको भी हम जल्द हटा देंगे। सीएम ने कहा कि कम खर्चे में हम कैसे गैरसेंण को बेहतर कर सकते हैं, इस ओर भी ध्यान दिया जा रहा है।
त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री।
सरकार भले ही गैरसैंण में टाउनशिप डेवलप करने की बात कर रही हो, लेकिन कांग्रेस सरकार आरोप लगा रही है कि भाजपा ने हमेशा गैरसैंण के नाम पर जनता को छला है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि गैरसैंण में जितने काम कांग्रेस सरकार ने किए हैं, उन्हीं कामों को ये सरकार यदि आगे बढ़ाए तो गैरसैंण में विकास खुद ही नजर आएगा। इतना ही नहीं हरीश रावत ने कहा कि भाजपा सिर्फ वादे और घोषणा करके विकास करना जानती है, उन्हें जमीन पर विकास करना नहीं आता।
हरीश रावत, पूर्व मुख्यमंत्री।

त्रिवेंद्र सरकार भले ही गैरसैंण के विकास के लिए वहां टाउनशिप डेवलप करने की बात कर रही हो, लेकिन सरकार को अभी यही नहीं पता कि वहां जो जमीन सरकार ने खोजी है उस पर पशुपालन विभाग का अधिग्रहण है। हलांकि 2015 से इस ओर कवायद चल रही है। लेकिन अभी तक यह जमीन राज्य संपत्ति विभाग को नहीं सौंपी गई। ऐसे में साफ कहा जा सकता है कि सरकार जो सपना देख रही है वह फिलहाल सपना ही बना हुआ है।

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