FRI में चन्दन की लकड़ी के तस्कर सक्रिय

भारतीय वन अनुसंधान संस्थान एफआरआई के जंगलों में लकड़ी तस्कर सक्रिय हैं जो न सिर्फ़ सूखे पेड़ों के कटान के नाम पर हरे-भरे पेड़ों को काट रहे हैं बल्कि बेशकीमती चंदन के पेड़ भी काट रहे हैं. लेकिन इससे भी चौंकाने वाली बात इस पर एफ़आरआई की चुप्पी है. हाल ही में एफ़आरआई में कटान के लिए स्वीकृत 78 पेड़ों के साथ ही छह से अधिक चीड़ के विशालकाय हरे पेड़ काट दिए गए थे.

क्या आप यकीन करेंगे कि मई और जून महीने में ही एफआरआई में लाखों रुपये कीमती चंदन के दस पेडों पर तस्करों ने आरियां चला डालीं. हाल के सालों में कुल 25 पेड़ों को तस्करों ने काट डाला है, वह भी तब जब एफआरआई चारों ओर से सुरक्षा दीवार से घिरा हुआ है. 450 हेक्टेयर में फैले एफआरआई में बड़ी मात्रा में चंदन के पेड़ हैं. लेकिन, ताज्जुब की बात यह है कि बेहद सुरक्षित माने जाने वाले देश के इस संस्थान में भी चंदन के पेड़ों पर आरियां चल रही हैं.

इस साल के मई और जून के महीने एफ़आरआई के चंदन के पेड़ों के लिए ठीक नहीं रहे. एफ़आरआई के रिकॉर्ड के मुताबिक इन दो महीनों में ही दस पेड़ काटे गए हैं. रिकॉर्ड के मुताबिक 12 मई को सबसे ज़्यादा चार पेड़ काटे गए. उसके बाद 15 और 26 मई को एक-एक पेड़ काटा गया. जून में फिर चार पेड़ काटे गए. इसके बाद एफ़आरआई ने चार कर्मचारियों को निकाल दिया. लेकिन अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि, ये पेड़ आखिर काटे किसने. न तो एफ़आरआई ने इस मामले में आंतरिक जांच की और न ही पुलिस से जांच करने का आग्रह किया.

एफआरआई प्रशासन इस मामले में कुछ बोलने को तैयार भी नहीं है. इस मामले में एक तथ्य यह भी है कि विभाग को तस्करों के पेड़ काटने से कुछ कमाई हो गई है. दरअसल चंदन तस्कर काटे गए सभी पेड़ों को लेकर भागने में कामयाब नहीं हो सके और काटे गए पेड़ों को एफ़आरआई ने ज़ब्त कर लिया. इसमें से एक लॉट की नीलामी से संस्थान को 32 लाख रुपये की कमाई भी हुई है.

About न्यूज़ ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया

News Trust of India न्यूज़ ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया

Leave a Reply

Your email address will not be published.

ăn dặm kiểu NhậtResponsive WordPress Themenhà cấp 4 nông thônthời trang trẻ emgiày cao gótshop giày nữdownload wordpress pluginsmẫu biệt thự đẹpepichouseáo sơ mi nữhouse beautiful