उत्तराखंड में सरकार और संगठन में दायित्व आवंटन को लेकर विवाद

(देहरादून): दायित्व आवंटन को लेकर उत्तराखंड सरकार और संगठन के बीच करीब 14 महीने से चला आ रहा विवाद अब भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार और संगठन के वरिष्ठों के बीच हुई बैठक में सरकार ने तय किया कि वह दायित्व अब विधायकों को कतई नहीं देगी लेकिन पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताआें को जरूर देगी।

सूत्रों के मुताबिक उत्तराखंड भाजपा के अध्यक्ष अजय भट्ट ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को फिर से दायित्व आवंटन के लिए 200 वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ताआें की सूची दी है। यहां बताना जरूरी है कि इसके पहले उत्तराखंड भाजपा के अध्यक्ष अजय भट्ट ने मुख्यमंत्री को 3500 भाजपा कार्यकर्ताआें की सूची दायित्व आवंटन के लिए सौंपी थी। जिससे मुख्यमंत्री काफी नाराज हो गए थे। इस मामले को लेकर सरकार और संगठन में ठन गई थी। इस प्रकरण को सुलझाने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मुख्यमंत्री और उत्तराखंड भाजपा के अध्यक्ष अजय भट्ट को दिल्ली तलब किया था। वहां यह तय हुआ था कि मात्र 25 वरिष्ठ कार्यकर्ता जिसमें विधायक भी शामिल हैं को दायित्व दिए जाएंगे। लेकिन मुख्यमंत्री ने संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों से स्पष्ट कह दिया है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आदेश पर केवल 25 दायित्व ही आवंटित किए जाएंगे।

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा है कि विधायकों को अपने अपने विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों पर कसरत करने की आवश्यकता है। ताकि वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों को सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों का लाभ मिल सके। विधायकों को दायित्व देने से उन पर बोझ पड़ेगा और इससे उनके विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्य प्रभावित होंगे। लिहाजा विधायकों को दायित्व देना कहीं से उचित नहीं है। माना जा रहा है कि इस बारे में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से बातचीत भी कर ली है।

हालांकि उत्तराखंड भाजपा के अध्यक्ष अजय भट्ट ने हाईकमान द्वारा निर्धारित मानक 25 दायित्व के बजाय 200 भाजपा कार्यकर्ताआें को दायित्व देने के लिए एक बार फिर से मुख्यमंत्री पर दबाव डाला है और उन्हें नामों की सूची भी सौंप दी। सूत्रों ने यह भी बताया कि सरकार यह चाह रही हैै कि सबसे पहले उन्हीं भाजपा कार्यकर्ताआें को दायित्व दिए जाएं जो पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट से वंचित रह गए थे। हालांकि संगठन को यह बात भी पसंद नहीं है। संगठन अपने हिसाब से दायित्व की सूची तय करना चाह रहा है। लेकिन इतना तो तय हो गया है कि अब सरकार विधायकों को दायित्व नहीं देने जा रही है। माना जा रहा है कि अब दायित्व 25 कार्यकर्ताआें को दिए जाएं या फिर 200 कार्यकर्ताआें को। इसको लेकर एक बार फिर मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट को दिल्ली तलब किया जा सकता है।

दायित्व आवंटन की मांग पुरजोर तरीके से उठाते हुए राज्य के भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि सरकार को अधिक से अधिक दायित्व बांटने चाहिए। ताकि कार्यकर्ता खुश रहें। पर देखना है कि सरकार क्या करती है?सरकार के फैसले का सभी कार्यकर्ताआें को इंतजार है।

इधर राज्य के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि विधायकों को दायित्व में रुचि नहीं दिखानी चाहिए। सभी विधायकों को अपने विधानसभा क्षेत्रों के विकास कार्यों पर ज्यादा फोकस करना चाहिए। विकास जरूरी है। इसके लिए सरकार भी कार्य कर रही है। दायित्व कार्यकर्ताआें को जरूर मिलेंगे।

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