नॉएडा में 36 मेगावाट क्षमता का IT लोड डाटा सेंटर होगा स्थापित

दिल्ली एनसीआर, खासकर नोएडा के लिए ये बड़ी खबर है. नोएडा के आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी आने वाली है. इंडस्ट्री और बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए सिंगापुर की एसटी टेलीमीडिया ग्लोबल डाटा सेंटर (एसटीटी जीडीसी) इंडिया ने नोएडा जिले में एक ग्रीनफील्ड डाटा सेंटर कैंपस बनाने का प्रस्ताव दिया है. अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता है तो नोएडा में डाटा सेंटर का कैंपस बनने से रोजगार में तेजी देखी जाएगी. स्थानीय लोगों के साथ-साथ पूरे देश के आईटी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को मौका मिलेगा.

आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार के साथ मंगलवार को कंपनी के अधिकारियों की बैठक में यह प्रस्ताव दिया गया. सिंगापुर की कंपनी ने 600 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश के साथ 18 मेगावाट की आईटी क्षमता के साथ डेटा सेंटर कैंपस बनाने का प्रस्ताव दिया है. नोएडा में प्रस्तावित इस डाटा सेंटर कैंपस को औद्योगिक हब और दिल्ली के नजदीक होने के कारण अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा.

नोएडा और इसके आसपास उद्योग और आईटी कंपनियों की बड़ी मौजूदगी है. इसे देखते हुए उत्तर भारत में एक प्रमुख डेटा सेंटर हब के रूप में इस क्षेत्र को जल्दी से विकसित करने में सहायता करेगी. डाटा सेंटर कैंपस बनाने के लिए सिंगापुर की कंपनी ने नोएडा में लगभग तीन एकड़ के एक प्लॉट को चिन्हित है. दूसरे चरण में 500 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश के साथ 36 मेगावाट क्षमता का आईटी लोड डाटा सेंटर स्थापित किया जा सकेगा.

इतने लोगों को रोजगार

दूसरा चरण पूरा होने के बाद प्रोजेक्ट में लगभग 1100 करोड़ रुपये का निवेश होने का अनुमान है और इससे 80 लोगों को प्रत्यक्ष और लगभग 1000 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा. प्रस्तावित डाटा सेंटर कैंपस का मकसद प्रमुख क्लाउड कंपनियों, डाटा सेंटर के संचालक और बड़ी इंडस्ट्री को सर्विस देना है. केंद्र सरकार ने डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं. इस दिशा में आगे बढ़ते हुए यूपी सरकार ने डाटा सेंटर बनाने पर जोर दिया है. आगे आने वाले समय में डाटा स्टोरेज में तेजी आएगी और इसके लिए बड़े क्लाउड सेंटर बनाने होंगे. इसे देखते हुए नोएडा का प्रस्तावित डाटा सेंटर बड़ी भूमिका निभा सकता है.

नोएडा में डाटा सेंटर बनाने का विशेष फायदा होगा. नोएडा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से नजदीक है. यहां जेवर में बहुत जल्द अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनने वाला है. पूरे नोएडा में आईटी इंडस्ट्री का जाल बिछा हुआ है. इस लिहाज से नोएडा पूरे उत्तर भारत में बड़ा डाटा सेंटर का हब बनकर उभर रहा है. डाटा सेंटकर का नया कैंपस बनने से इसमें और मदद मिलेगी. डाटा सेंटर कैंपस बनने के बाद बड़ी क्लाउड कंपनियां, हाइपरस्केलर्स (जो क्लाउड कंप्यूटिंग सर्विस देते हैं) और बड़े एंटरप्राइज क्लांयट को सेवा दी जा सकेगी.

क्या होता है डाटा सेंटर

डेटा सेंटर ऐसी जगह होती है जहां किसी कंपनी की आईटी गतिविधियों और उपकरणों को कई तरह की सुविधाएं दी जाती हैं. इन सुविधाओं में डाटा स्टोरेज, सूचनाओं की प्रोसेसिंग और दूसरे स्थान पर उसे पहुंचाना और कंपनी के एप्लिकेशन से जुड़े कामकाज शामिल हैं. इसे किसी सर्वर की तरह मान सकते हैं जहां से किसी कंपनी का पूरा आईटी ऑपरेट होता है. ऑनलाइन के बढ़ते जमाने में ऐसे डाटा सेंटर की भारी मांग है क्योंकि डाटा को किसी जगह सुरक्षित रखना भी अपने आप में चुनौती है. नोएडा में बनने वाला कैंपस इस चुनौती से निपटने में मदद करेगा. एसटी टेलीमीडिया सिंगापुर भारत में 112 डाटा सेंटर चलाती है.

आईटी के क्षेत्र में भारत का बड़ा रोल है. दुनिया की सभी बड़ी कंपनियां यहां अपना सेंटर चलाती हैं. भारत में तेजी से ऑनलाइन और कंप्यूटर आधारित उद्योग धंधे बढ़ रहे हैं. इसे देखते हुए डाटा का स्टोरेज महत्वपूर्ण काम है. डाटा सेंटर कैंपस बनने से उद्योग या आईटी कंपनियों को फायदा होगा और वे स्टोरेज की सुविधा ले सकेंगे. आने वाले समय में इसमें और तेजी देखी जाएगी.

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