बाप और बेटी करते थे हनी ट्रैप का गंदा खेल

यमुनानगर । क्या कभी ऐसा सुना है कि कोई पिता अपनी ही बेटी से लोगों के शारीरिक संबंध बनवाता हो। इतना ही नहीं, उसका वीडियो बनाकर बाद में उनको ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूलता हो। मगर, हरियाणा के यमुनानगर के बाप-बेटी यह धंधा वर्षों से कर रहे थे। बेटी भी इसे मजबूरी या दबाव में नहीं, बल्कि अय्याशी के लिए करती थी।

जानकार बताते हैं कि बाप-बेटी बेहद शातिर दिमाग हैं। जब बेटी लोगों से शारीरिक संबंध बनाती थी तो पिता चुपके से उनकी अश्लील वीडियो बना लेता था। उनके चंगुल में हरियाणा ही नहीं पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली तक के लोग फंसते थे। मगर सामाजिक मर्यादा के कारण चुप रहते थे।

बिजनेस वार में हुआ खुलासा

बाप-बेटी के इस गिरोह के कारनामों का खुलासा भी बहुत रोचक ढंग से हुआ। हनी ट्रैप गिरोह चलाने वाली एक महिला ने इसकी शिकायत की थी, जिसे बाप-बेटी के इस गिरोह से कड़ी चुनौती मिल रही थी और उसका धंधा नहीं चल पा रहा था।

बड़े कारोबारी भी बनते थे शिकार

दिखने में मासूम सी लगने वाली 26 वर्षीय लड़की के चंगुल में सिर्फ भोले-भाले लोग ही नहीं बल्कि शहर के कई कारोबारी भी फंसे हैं। जब वे युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाने की अपनी वीडियो देखते थे तो उनकी रातों की नींद उड़ जाती थी। साथ ही उन्हें अश्लील वीडियो वाट्सएप पर वायरल करने की धमकी दी जाती थी। दिन में जो लोग शराफत का नकाब पहने रखते थे अब उन्हें समाज में अपनी बदनामी का डर सता रहा था। बदनामी के डर से लोग उन्हें मुंह मांगी रकम दे देते थे।

यूं चढ़े पुलिस के हत्थे

पुलिस को शहर की ही एक महिला ने शिकायत दी थी कि दो माह पहले आरोपी पिता-पुत्री अपने पड़ोस में ही रहने वाली एक नवविवाहिता के घर पर गए। तब उसके परिजन किसी काम से बाहर गए हुए थे। विवाहिता भी दोनों के बारे में कुछ नहीं जानती थी। लड़की ने विवाहिता को अपने विश्वास में लेकर उससे खाने को बर्फी दे दी। बर्फी खाने के बाद वह बेहोश हो गई।

पिता ने विवाहिता से दुष्कर्म किया और बेटी ने उनकी वीडियो बना ली। विवाहिता को जब होश आया तो पिता-पुत्री ने उसे अश्लील वीडियो दिखाई। जिसे देखकर वो हैरान रह गई। उससे पहले तो 10 हजार रुपये लिए और फिर उसे भी वेश्यावृति के गोरखधंधे में धकेल दिया। मजबूर होकर विवाहिता ने थाने में शिकायत दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने जांच की तो पिता-पुत्री की असलियत का राज खुला। कोर्ट में पेश करने पर दोनों को जेल भेज दिया गया।

और भी कई शिकायते: एसएचओ

एसएचओ डॉ. सुनील रावत ने बताया कि शहर में रहने वाले एक व्यक्ति को दुष्कर्म के आरोपी में गिरफ्तार किया है। उससे पूछताछ की तो उसकी बेटी का नाम भी सामने आया। दोनों कई लोगों को ब्लैकमेल कर चुके हैं। कुछ और महिलाओं ने भी उनके खिलाफ ब्लैकमेल करने की शिकायत दी है। इसकी जांच कर रहे हैं।

पंजाब, उत्तर प्रदेश व दिल्ली तक फैला जाल

इस गिरोह का शिकार सिर्फ यमुनानगर के लोग ही नहीं बल्कि पंजाब, दिल्ली व उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के लोग भी हो चुके हैं। क्योंकि बड़ी संख्या में दोनों राज्यों के लोग यहां आते हैं। वे अपनी शारीरिक जरूरतों को पूरा करने के लिए ऐसी लड़कियों की तलाश में रहते हैं। गलती से इनके चक्कर में जो फंस गया समझो उससे कम से कम 50 हजार रुपये वसूल ही लेते थे।

पुलिस में सब इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त आरडी राणा कहते हैं कि यमुनानगर शहर प्लाइवुड और जगाधरी मेटल के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर प्रदेश के अलावा पंजाब, उत्तराखंड, गुजरात, दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों से व्यापारी आते हैं। इसी तरह यहां के लोग भी दूसरे राज्यों में जाते हैं। व्यापार के कारण यह एरिया समृद्ध है, इसलिए कुछ लोग व्यापारी और उनके कर्मचारियों को फंसा कर पैसे एेंठेने का काम करते हैं।

पुलिस की भी होती सांठगांठ

सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि पुलिस की भी इन ठगों के साथ सांठगांठ होती है। बाप-बेटी की गिरफ्तारी के बाद सिटी पुलिस के पास एक महिला बधाई देने के लिए पहुंची थी कि पुलिस ने अच्छा काम किया है क्योंकि इन्होंने उसका धंधा चौपट किया हुआ था। इस धंधे में स्थानीय लोगों के बजाय बाहर के लोग अधिक शामिल हैं। अगर पकड़े जाएं तो उनको फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि उनकी पहचान स्थानीय स्तर पर कम होती है।

महिलाएं बोली पुलिस ने गंदगी साफ कर दी

पुलिस ने जब पिता-पुत्री को पकड़ा तो मोहल्ले की कुछ महिलाएं थाने में पहुंच गई। उन्होंने भी दोनों पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया। साथ ही पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि एसएचओ साहब आपने तो हमारे पड़ोस से गंदगी को साफ कर दिया। क्योंकि इनके कारण पूरा मोहल्ला बदनाम हो रहा था।

डर के कारण चुप रहते हैं लोग

समाज शास्त्र के प्रोफेसर डॉ. नीरज कुमार कहते हैं कि अक्सर लोग विलासता के कारण हनी ट्रैप के गिरोह के चंगुल में फंस जाते हैं। सामाजिक मर्यादा के कारण चुप रहते हैं। इसी चुप्पी का फायदा ये लोग उठाते रहते हैं। इस गिरोह के लोग आर्थिक तौर से मजबूत लोगों को शिकार बनाते हैं, जो शिकार बनते हैं उनको भी इस बात का पता होता है। पहले तो उनका शौक होता है और बाद में उनके जाल में फंसना मजबूरी बन जाती है। हिम्मत कर के पीड़ित को ऐसे गिरोह के खिलाफ शिकायत देनी चाहिए। कानून में ऐसे गिरोह के खिलाफ सख्त धाराएं हैं।

विशेषज्ञों की मानें तो बातूनी होते हैं ये

मनोचिकित्सक डॉ. दिव्य मंगला का कहना है कि हनी ट्रेप जैसे गिरोह चलाने वाले लोग बचपन से ही व्यक्तित्व विकार की बीमारी से पीड़ित होते हैं। असामाजिक कार्य करने में इनको मजा आता है। बचपन में चोरी करना, साजिश रचना, झूठ बोलना इनकी आदत में शामिल होता है। इनमें दिमाग की कमी नहीं होती है। ये बातूनी होते हैं। बड़ी-बड़ी साजिश रचते हैं और नियमों के खिलाफ बड़ों की बात के खिलाफ बड़े अपराध करने से नहीं चूकते। इनकी जरूरते ज्यादा होती है और यह काम करते नहीं हैं। बिना काम किए साजिश के तहत लोगों से पैसे ऐंठने का गिरोह चलाते हैं।

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